एनएच-24 को चौड़ा करने का एलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर को किया और टेंडर तक की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, लेकिन एक साल पहले एफएनजी को नेशनल हाइवे बनाने का प्रस्ताव अब तक कागजों में भी अधूरा है।
ऐसे में यह प्रोजेक्ट कब पूरा होगा, इसका कुछ अता-पता नहीं है। फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद को जोड़ने के लिए एफएनजी एक्सप्रेसवे की शुरुआत 2009-10 में हुई। नोएडा की सीमा में सबसे पहला टेंडर सेक्टर-122 के सामने की रोड बनाने का हुआ। करीब 56 किलोमीटर लंबे इस मार्ग की नोएडा में लंबाई करीब 20 किलोमीटर है, जिसमें से अब तक 70 फीसदी सतही रोड बन चुकी है।
इसे बनाने में करीब 250 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अब एनएच-24 पर छिजारसी कट के पास डबल डेकर एलिवेटेड रोड, सेक्टर-112 से 140 तक सिंगल एलिवेटेड रोड, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर फ्लाईओवर और यमुना पर सेक्टर-168 के पास पुल बनना है। प्राधिकरण एफएनजी को जोड़ने वाली इन परियोजनाओं की कागजी प्रक्रिया तेजी से पूरा कराने के लिए प्रयासरत था।
प्रोजेक्ट में अब भी 1200 करोड़ का काम बाकी
एफएनजी पर अधूरा काम
- फोटो : भव्य नरेश/अमर उजाला, नोएडा
इसके बाद इस पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या तय कर अधूरे कामों को पूरा कराने की जिम्मेदारी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की हो गई, लेकिन प्रस्ताव के बाद केंद्र सरकार की तरफ से काम शुरू कराना तो दूर की बात है। एनएच का नंबर भी तय नहीं हो सका।
प्राधिकरण चेयरमैन की तरफ से दो बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है। प्राधिकरण की तरफ से यह भी पूछा जा चुका है कि अगर इसे नेशनल हाइवे का दर्जा न देने का मन हो तो स्पष्ट करें, ताकि अधूरे कामों को प्राधिकरण खुद से पूरा करा सके। अब प्राधिकरण केंद्र सरकार से संकेत मिलने का इंतजार कर रहा है।
कामों पर लगा ब्रेक
एफएनजी को नेशनल हाइवे बनाने के प्रस्ताव के बाद से प्राधिकरण ने एफएनजी के बचे हुए कामों को रोक दिया है। जिन कामों के लिए बॉन्ड बन चुके थे सिर्फ उन कामों को ही पूरा किया जा रहा है। एलिवेटेड रोड, यमुना पर पुल व फ्लाईओवर का काम केंद्र सरकार ही कराएगी। जमीन विवाद के कारण करीब तीन किलोमीटर का दायरा बचा है। इसके लिए भी केंद्र सरकार से ही हरी झंडी मिलने का इंतजार हो रहा है।
एनएच-24 पर छिजारसी कट के पास करीब तीन किलोमीटर लंबा डबल डेकर एलिवेटेड रोड बनना है। इसकी लागत 350 करोड़ के करीब होगी। सेक्टर-112 से 140 तक छह किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनना है। इस पर 600 करोड़ की लागत आएगी। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर फ्लाईओवर बनाने में करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह यमुना नदी पर सेक्टर-168 के सामने पुल बनाने में भी 150 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन है।