अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया में मंगलवार को छात्रों ने सीएए लागू करने का विरोध किया। उन्होंने केंद्र सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने नागरिकता (संशोधन) कानून को रद्द करने व छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी मांग की। इसमें बड़ी संख्या में छात्र पोस्टर लेकर परिसर में जमा हुए। छात्र कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग कर रहे थे, जोकि 2019 के सीएए विरोधी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थे।
सरकार द्वारा नियम अधिसूचित किए जाने के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जामिया का गेट नंबर सात बंद कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है। स्थिति पर नजर रखने के लिए इलाके में ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल छात्र शिगूफा ने कहा कि यह कानून गलत है, इसका विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। यह कानून वापस होना चाहिए। वहीं, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस अभिव्यक्ति की आजादी पर लगाम लगा रही है। वहीं, प्रदर्शनकारी शाहरुख ने कहा कि जब से यह कानून लाया गया है, तब से देश में अशांति का माहौल है। आम चुनाव नजदीक है और एक विशेष समुदाय पर ऐसे में दबाव बनाया जा रहा है। सीएए को लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ विरोध जताते हैं।