दिल्ली में प्रवेश से पहले व्यवसायिक वाहनों को दिल्ली एमसीडी का टोल कटवना पड़ता है। इस कारण दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को पीक ऑवर में रेंग-रेंग कर निकलना पड़ता है। इधर नेशनल हाईवे अथार्टी की ओर से गुरुग्राम और महिपालपुर के बीच में क्लोवरलीफ बनाया जा रहा है। जिसके चलते यहां पर चार लेन की जगह दो लेन में वाहनों को गुजारा जा रहा है। इससे दिल्ली बार्डर से जाने वाले वाहनों के लिए सड़क के बॉटल नेक बन जाना भी जाम का कारण बन रहा है। पूर्व में दिल्ली की ओर से आने वाले वाहन यहीं से सरपट निकलते रहे हैं।
उद्योग विहार और आईटी हब के वाहनों का होता है दबाव
ट्रैफिक पुलिस की ओर से यहां पर जाम से निपटने की तरह-तरह की कवायद की गई हैं। अब तक के सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि वह चार बजे के बाद के वाहन होते हैं जिनको इस मार्ग से ही गुजरना होता है। रोजाना दिन में जितने वाहन यहां से निकलते हैं, चार घंटे के भीतर वहां से वाहनों के निकलने की संख्या उतनी ही अधिक होती है।
रोड सेफ्टी को लेकर बैठक आज
सड़क पर वाहन दुर्घटना व जाम को रोकने के लिए उपायुक्त की ओर से ली जाने वाली रोड सेफ्टी की बैठक शुक्रवार को होगी, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की ओर से तैयारी की जा रही है। इस बैठक में दिल्ली बार्डर पर लगने वाले जाम के मुद्दे को भी शामिल किया गया है। उपायुक्त की ओर से इसका दौरा भी किया जा चुका है। अब बैठक में इस पर चर्चा होगी।
दिल्ली बार्डर पर लगने वाले जाम में एमसीडी के टोल बैरियर की भी अहम भूमिका है। टोल को विस्थापित करने व वहां पर लगने वाले जाम को हटाने को लेकर टोल कंपनी व दिल्ली नगर निगम को पत्र लिखा जा चुका है। -विरेन्द्र विज, डीसीपी ट्रैफिक, गुरुग्राम