जयपुर हाईवे-रोहतक रोड-जीटी करनाल रोड को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा नेशनल हाईवे-344एम पूरी दूरी में सौ मीटर चौड़ा होगा। दिल्ली में करीब 43 किलोमीटर लंबाई में बनाए जाने वाले इस हाईवे को 13.1 किलोमीटर से 20.7 किलोमीटर तक पहले 80 मीटर चौड़ा बनाने का निर्णय लिया था। अब इस दूरी में यह रोड चौड़ा करने के लिए चार गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
जयपुर हाईवे-जीटी करनाल रोड को जोड़ने के लिए रंगपुरी स्थित शिव मूर्ति से बकोली गांव तक नेशनल हाईवे-344एम बनाने की योजना तैयार की गई थी। यह हाईवे द्वारका, नजफगढ़, मुंडका, रोहिणी, बवाना, नरेला क्षेत्र से निकलेगा। यह हाईवे पहले डीडीए बना रहा था और उसने शिव मूर्ति से भरथल चौक तक करीब पांच किलोमीटर दूरी में हाईवे बना भी दिया था, लेकिन द्वारका से आगे वह हाईवे नहीं बना पा रहा था। इस कारण इस हाईवे को बनाने का कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपा गया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस हाईवे को भरथल चौक से बकोली तक करीब 38 किलोमीटर लंबाई में बनाएगा। प्राधिकरण ने गांव मोहम्मदपुर मजरी, मदनपुर डबास, रानीखेड़ा व रसूलपुर गांव में इस हाईवे को 13.1 किलोमीटर से 20.7 किलोमीटर दूरी तक 80 मीटर के बजाए सौ मीटर चौड़ा बनाने का निर्णय लिया है।
इसके लिए इन चारों गांवों के किसानों की कृषि भूमि गत 28 जुलाई को अधिग्रहण करने की अधिसूचना जारी की गई है। इस तरह अब जल्द ही इस हाईवे को बनाने का कार्य शुरू होगा। पहले इन गांवों में 80 मीटर चौड़ाई में यह हाईवे बनाने के लिए किसानों की कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया था। किसानों को इस कृषि भूमि के अधिग्रहण की मुआवजा राशि भी मिल चुकी है।
दक्षिण हरियाणा व दिल्ली के लोगों का रोहतक व सोनीपत जाना होगा आसान
नेशनल हाईवे-344एम बनने से दक्षिण हरियाणा एवं दिल्ली के विभिन्न इलाकों से बहादुरगढ़, रोहतक, सोनीपत एवं आसपास के इलाकों में आना-जाना आसान हो जाएगा। दरअसल इस हाईवे से दिल्ली के बक्करवाला से बहादुरगढ़ बाईपास को जोड़ने के लिए रोड बनाया जाएगा। इसी तरह बवाना से हरेवली बॉर्डर तक सोनीपत बाईपास को जोड़ने के लिए रोड बनाने बनाने की योजना है। यह रोड भी इस हाईवे बनाने की परियोजना का हिस्सा है।