नोएडा की पहली महिला विधायक ‘विमला बाथम’ ने कभी नहीं सोचा था कि वह विधायक बनेंगी और चुनाव लड़ेंगी। यह बात उन्होंने अमर उजाला से साक्षात्कार में कही। विधायक से राजनीति में प्रवेश, शहर के विकास की योजना समेत तमाम मुद्दों पर संवाददाता सोमदत्त शर्मा से हुई बात के प्रमुख अंश:
सवाल: आप तो उद्यमी हैं फिर राजनीति में प्रवेश कैसे?
जवाब: फैक्ट्रियों में कार्य करने वाली महिलाओं की समस्याओं को दूर करने के लिए महिला उद्यमी संगठन खड़ा किया। कई बार ऐसा हुआ कि चाहते हुए भी कई समस्याओं को दूर न कर सकी। क्योंकि प्रशासन और शासन सुनने को तैयार नहीं था। तब राजनीति में आने का विचार बनाया और 1993 में बीजेपी की सदस्यता ली।
सवाल: बीजेपी ही क्यों, दूसरी पार्टी क्यों नहीं?
जवाब: परिवार के आरएसएस से जुड़े होने के कारण बचपन से ही राष्ट्रीयता के संस्कार मिले। खुद राष्ट्रीय स्वयं सेविका संगठन की कार्यकर्ता थी। वहीं, बीजेपी की सोच और कार्यप्रणाली पूरी तरह लोकतांत्रिक थी।
सवाल: क्या राजनीति में आते समय विधायक बनने के बारे में सोचा था?
जवाब: बिल्कुल नहीं। विधायक तो दूर चुनाव लड़ने तक का ख्याल नहीं था। क्योंकि मुझे सोशल वर्क करना था, राजनीति नहीं। 2012 विधानसभा चुनावों में जब मैं हापुड़ की प्रभारी थी तब मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आप इतनी मेहनत करती हैं तो खुद चुनाव क्यों नहीं लड़ती।
सवाल: सोशल वर्क और राजनीति में क्या अंतर है?
जवाब: दोनों एक ही सिक्के के पहलू हैं। राजनीति भी सोशल वर्क है। लेकिन कुछ नेताओं ने राजनीति को बदनाम किया है। मोदी सरकार लोगों में राजनीति के प्रति अच्छी सोच लाएगी।
सवाल: विधायक के नाते शहर के लिए क्या प्राथमिकताएं होंगी?
जवाब: ‘विकास युक्त, भयमुक्त नोएडा’ मेरी प्राथमिकता होगी। सुरक्षा के बंदोबस्त कड़े किए जाएंगे। बिजली की 24 घंटे आपूर्ति को निश्चित कराएंगे। ताकि लोगों को दिक्कत न हो। इसके अलावा किसानों मुआवजा संबंधी समस्याओं को दूर कराना प्रमुखता में होगा।
सवाल: प्रदेश में सरकार सपा की है। ऐसे में कैसे वादे पूरा करेंगे?
जवाब: बात बिल्कुल सही है, प्रदेश में दूसरी पार्टी की सरकार होने पर कार्य कराने में दिक्कत आती है। लेकिन केंद्र में हमारी सरकार है। प्रदेश सरकार और प्राधिकरण से अनुरोध करेंगे, लड़ाई लड़ेंगे और वादों को पूरा कराएंगे। बिजली आपूर्ति के लिए यदि केंद्र से मदद लेनी पड़ी तो लेंगे। लेकिन वादे के मुताबिक बिजली, सुरक्षा समेत तमाम शहरवासियों की दिक्कतों को दूर करेंगे।
सवाल: उद्योग के लिए क्या योजना है?
जवाब: मशीनरी पर लगने वाले कर को कम कराने और जीएसटी लागू करवाने के लिए लड़ाई लड़ेंगे। साथ ही सिंगल विंडो नीति लागू करने का विधानसभा में मुद्दा उठाएंगे।