जहरीले पानी के खिलाफ लोहियानगर के लोगों का गुस्सा मंगलवार को श्रीराम पिस्टन फैक्ट्री के खिलाफ फूट पड़ा। सैकड़ों लोगों ने एनएच 58 पर जाम लगाने और फैक्ट्री पर ताला डालने का प्रयास किया।
इस दौरान लोगों की पुलिस से भी झड़प हुई और फैक्ट्री गेट पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान फैक्ट्री कर्मचारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। तीन घंटे के हंगामे के बाद लोगों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा।
लोहियानगर और आसपास की कालोनियों के सैकड़ों लोग मंगलवार सुबह बैठक के बाद हाथों में क्रोमियम मिले जहरीले पानी की बोतलें लिए एनएच 58 पर जाम लगाने की कोशिश करने लगे।
पुलिस ने समझाकर सड़क से हटा दिया। इस दौरान काफी देर तक यातायात रुका रहा। इसके बाद भीड़ श्रीराम पिस्टन के गेट पर जा पहुंची और ताला लगाने का प्रयास किया।
पुलिस ने घेराबंदी कर लोगों को रोका तो लोग नारेबाजी करते हुए कंपनी गेट पर धरने पर बैठ गए। इसी दौरान फैक्ट्री के सैकड़ों कर्मचारी भी बाहर आ गए।
जब जीएम केके शर्मा धरने पर बैठे लोगों से बातचीत कर रहे थे, तभी कर्मचारियों और भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर दोनों को अलग किया।
भीड़ ने भूजल में जहर मिलाने को तत्काल बंद करने की चेतावनी दी। ऐसा न करने पर फैक्ट्री में आग लगाने की धमकी दी। करीब तीन घंटे बाद धरने पर बैठे लोग कलक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम सिटी रक्षपाल सिंह को ज्ञापन सौंपा।
संघर्ष समिति के लोगों एड. राकेश जैन, एड. गुंजन शर्मा-उपाध्यक्ष भाजयुमो वेस्ट यूपी, डा. अरविंद वत्स अकेला-मीडिया प्रभारी भाजयुमो वेस्ट यूपी, एससी गुप्ता, एसकेशर्मा, एसके मित्तल, जगपाल सिंह, अंकुर मित्तल, एससी सक्सेना और विजय सिंघल आदि ने रात में बैठक कर आगे कर रणनीति तैयार करने की घोषणा की है।