पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन ने बताया कि आरोपी छोटी-छोटी बातों पर बच्ची के साथ मारपीट करते थे। वह लात-घूंसों के अलावा प्लेट, थाली व बेलन से बच्ची को मारते थे।
राजधानी दिल्ली के द्वारका के बागडोला गांव में 10 वर्षीय बच्ची से प्रेस के दौरान मामूली रूप से पैंट के जलने पर एक महिला ने उसे कई बार प्रेस से जला दिया। फिर पति के साथ मिलकर बच्ची के साथ जमकर मारपीट की। इससे बच्ची सदमे में चली गई थी।
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बच्ची को माता-पिता पैसे के लालच में आरोपी दंपति के घर लगातार काम पर भेज रहे थे और आरोपी बच्ची को लगातार इस तरह की यातनाएं दे रहे थे। इन सब बातों का खुलासा कोर्ट में खुद 10 साल की बच्ची ने अपने बयानों में किया है। उसने बताया है कि करीब 15 दिन पहले वह महिला पायलट पूर्णिमा की पैंट पर प्रेस करा रही थी। प्रेस करने के दौरान उससे पैंट जल गई। इस पर महिला इतनी आग बबूला हो गई कि उसने प्रेस से उसे कई जगह जला दिया। उसके हाथ को दो जगह से जला दिया। फिर पायलट पूर्णिमा व उसके पति कौशिक बागची ने उसे बुरी तरह पीटा।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन ने बताया कि आरोपी छोटी-छोटी बातों पर बच्ची के साथ मारपीट करते थे। वह लात-घूंसों के अलावा प्लेट, थाली व बेलन से बच्ची को मारते थे। आरोपियों की मारपीट से बच्ची इस कदर सदमे व डर में चली गई थी कि वह किसी को कुछ नहीं बताती थी। अब पीड़ित बच्ची के बृहस्पतिवार को कोर्ट में आईपीसी 164 के तहत बयान हो गए हैं। बच्ची ने कोर्ट में वहीं बयान दिए हैं जो उसने प्राथमिकी दर्ज कराते समय पुलिस को दिए थे।
बच्ची को माता-पिता को नहीं सौंपना चाहती पुलिस
आरोपियों की पिटाई के कई दिन बाद भी बच्ची के मन से डर नहीं निकल रहा है। इस कारण बच्ची की बार-बार काउंसलिंग की जा रही है। बच्ची को उसके घर नहीं भेजा रहा है। उसके छह बहन- भाई और है। पुलिस बच्ची को माता-पिता को सौंपने के पक्ष में नहीं है।पुलिस इसके लिए सीडब्ल्यूसी का सहारा लेगी।
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जांच में खुलासा, आरोपी झूठ बोल रहा
पुलिस उपायुक्त एम हर्षवर्धन ने बताया कि आरोपी कौशिक बागची शुरू से ही कह रहा है कि उसने व उसकी पत्नी ने बच्ची के साथ मारपीट नहीं की है। इसके बाद पुलिस ने उसकी फोरेंसिक जांच कराई। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी झूठ बोल रहा है।