एनजीटी और कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद नरेला औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्टरी व गोदाम का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने फैक्टरी के मालिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। फैक्टरी और गोदाम से पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये के पटाखे और कच्चा माल बरामद किए हैं। साथ ही फैक्टरी से गोदाम तक पटाखा ले जाने में इस्तेमाल एक माल ढ़ोने वाला टैंपो जब्त किया है।
आउटर नार्थ जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया कि फैक्टरी मालिक की पहचान पंजाबी बाग निवासी राजकुमार गोयल(58) और टैंपो चालक स्वतंत्र नगर नरेला निवासी दीपक के रूप में हुई है। फैक्टरी व गोदाम से पुलिस ने 14 टन पटाखे, 10 टन कच्चा माल, 10 मशीनें, पैकिंग सामग्री के अलावा अन्य सामान बरामद किए हैं।
नरेला औद्योगिक क्षेत्र थाना में तैनात सब इंस्पेक्टर तस्वीर, हवलदार प्रभात, बलराम व सिपाही सत्यवीर ने गश्त के दौरान एक टैंपो को रोका। तलाशी के दौरान उसमें 45 पेटी प्रतिबंधित पटाखे मिले। टैंपो चालक दीपक को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की तो बताया कि वह फैक्टरी से पटाखा लेकर गोदाम पहुंचाने जा रहा था।
दीपक के निशानदेही पर पुलिस ने ई ब्लॉक स्थित फैक्टरी और एफ ब्लॉक भोरगढ़ स्थित गोदाम में छापा मारा, जहां भारी मात्रा में प्रतिबंधित पटाखे मिले। पूछताछ राजकुमार ने बताया कि दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध होने की वजह से वह इन पटाखों को हरियाणा के सोनीपत व आस पास के राज्यों में सप्लाई करने वाला था। पुलिस मालिक से पूछताछ कर इस धंधे में शामिल लोगों, कच्चा माल का सप्लायर और पटाखों के खरीदार की पहचान करने में जुटी है।
मुनाफा कमाने के लिए तीन महीने पहले फैक्टरी खोली
फैक्टरी मालिक ने बताया कि एनजीटी व कोर्ट के प्रतिबंध की वजह से उसने दीपावली पर मुनाफा कमाने के लिए तीन माह पहले पटाखा बनाने की फैक्टरी खोली। इससे पहले वह जूते चप्पल बनाने की फैक्टरी चला रहा था। इन पटाखों को दिल्ली में सप्लाई नहीं करना था। वह हरियाणा के सोनीपत व उसके आस पास के जिलों में सप्लाई कर मुनाफा कमाना चाहता था।
पुलिस को देखते ही ड्राइवर को भागने का दिया था निर्देश
टैंपो चालक दीपक ने पूछताछ में बताया कि मालिक ने उसे सख्त निर्देश दिया था कि पुलिस को देखते ही वह गाड़ी छोड़कर फरार हो जाए। लेकिन इससे पहले कि वह भाग पाता, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मालिक ने चालक को मुख्य रास्ते से गोदाम नहीं जाने की सलाह दी थी।
पटाखा फैक्टरी में आग लगने से 17 की हुई थी मौत
बवाना औद्योगिक क्षेत्र में वर्ष 2018 के जनवरी माह में अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्टरी में आग लगी थी, जिसमें 17 लोगों की झुलसकर मौत हो गई थी। इस घटना के बाद काफी सख्ती बरतने की बात कही गई थी, लेकिन नरेला औद्योगिक इलाके में एक बार फिर अवैध रूप से चल रहे पटाखा फैक्टरी के सामने आने पर सारे दावों की पोल खुल गई है।