कोरोना महामारी के बीच अब गुरुग्राम जिला स्वास्थ्य विभाग के सामने डेंगू व मलेरिया से निपटने की भी चुनौती होगी। बारिश के बाद अब तेजी से मच्छर पनपने शुरू हो गए हैं। शासकीय व निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
जनरल ओपीडी में ही अब प्रतिदिन 300-500 मरीज आ रहे हैं, जिनमें से अधिकांश में बुखार, सर्दी, खांसी समेत मच्छरजनित बीमारियों की शिकायत है।
सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में सुबह आठ बजे से ही मरीजों की भीड़ लग रही है। सप्ताह का अंतिम कार्यदिवस होने के कारण शनिवार को भी सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में सुबह से दोपहर तक मरीजों की काफी भीड़ रही।
लगभग सभी वार्डों में मरीजों की कतार लगी रही। मरीजों की संख्या को देखते हुए अतिरिक्त चिकित्सकों व ओपीडी का समय बढ़ाने की भी जरूरत है। डेंगू व मलेरिया के संभावित प्रकोप को देखते हुए अब कोविड-19 की जांच के साथ ही डेंगू व मलेरिया के लिए भी नमूने लिए जा रहे हैं।
कोविड-19 की जांच के लिए नमूना देने वाले मरीज में यदि डेंगू व मलेरिया के लक्षण दिख रहे हैं तो उससे तुरंत जांच के लिए नमूने लिए जा रहे हैं।
200 से ज्यादा लोगों को दी जा चुकी है नोटिस
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुधा गर्ग के मुताबिक डेंगू व मलेरिया की प्रभावी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की टीम घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर रही है। मच्छरों का लार्वा मिलने पर अब तक 200 से ज्यादा लोगों को नोटिस दी जा चुकी है।
डॉ. सुधा गर्ग के मुताबिक आगामी दिनों में डेंगू व मलेरिया के प्रति अभियान को और भी तेज किया जाएगा। कोविड-19 जांच शिविर में भी मच्छर पनपने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसमें नगर निगम की भी अहम भूमिका रहने वाली है।
वहीं, प्रशासन की रिपोर्ट की बात करें तो तालाबों व अन्य जलभराव वाले संभावित इलाकों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा रही हैं। विभाग अभी और भी तालाबों व जलभराव वाले इलाकों को चिन्हित कर रहा है।