गुरुग्राम। कोविड-19 संक्रमण के मद्देनजर 29 अगस्त को ई-लोक अदालत लगेगी। इस दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय और हालसा के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राजीव शर्मा के मार्गदर्शन में ई-लोक अदालत लगाने का निर्णय लिया है। इस तरह पहली बार ई-लोक अदालत लगेगी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष एमएम धोंचक ने बताया कि वैश्विक महामारी के दौरान विभिन्न न्यायालयों में मामले लंबित हैं। अब इनके निपटान के लिए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि ई-राष्ट्रीय लोक अदालत के संचालन के लिए 8 पीठों का गठन किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भावना जैन, अभिषेक फुटेला, जेएमएफसी सुयशा जवा, हरजोत कौर, सोनिया श्योकंद, छवि गोयल और निमित कुमार मामलों की सुनवाई करेंगे।
प्राधिकरण सचिव प्रदीप चौधरी ने बताया कि चयनित 525 मामलों को अलग-अलग श्रेणी से लिया गया है। सिस्टम अधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है जो ई-लोक अदालत संबंधी इंतजामों को सुनिश्चित करेंगे। वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि प्रत्येक न्यायालय में बेंच आईडी को ठीक से स्थापित किया जाए। पीठासीन अधिकारी को ई-लोक अदालत बेंच नामित किया गया है।