स्पाइसजेट के प्रमोटर एवं एमडी अजय सिंह समेत अज्ञात लोगों पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया गया है। मामला शेयर स्थानांतरण से जुड़ा है। सुशांत लोक थाना पुलिस फिलहाल जांच में जुटी है।
गोल्फ कोर्स रोड स्थित द मैगनोलियाज सोसाइटी निवासी अमित अरोड़ा ने रिपोर्ट में बताया कि वो नॉन-ऐरोनॉटिकल सर्विस मुहैया कराने के बिजनेस में हैं। आरोप है कि स्पाइसजेट के पुराने प्रमोटर्स ने अजय सिंह के साथ शेयर सेल एंड परचेज एग्रीमेंट किया था, जिसमें पूरे शेयर अजय सिंह को ट्रांसफर कर दिए गए। इसके बाद पुराने प्रमोटर्स व अजय सिंह के बीच विवाद हो गया। इस टेकओवर के दौरान स्पाइसजेट की हालत आर्थिक तौर पर काफी खराब थी। ऐसे में अजय सिंह ने अमित से संपर्क किया और कंपनी को आर्थिक संकट से उबारने के लिए सर्विस मुहैया करवाने की एवज में 10 लाख शेयर ट्रांसफर करने का वादा किया।
अमित ने कंपनी को सेवा मुहैया कराई और उसे डूबने से बचाया। इसके बाद अजय सिंह से शेयर ट्रांसफर करने को कहा तो उन्होंने 10 अक्तूबर 2016 की तारीख को डिमेट अकाउंट ट्रांजेक्शन के लिए डिलीवरी इंस्ट्रक्शन स्लिप (डीआईएस) जारी की। अमित ने इसे अपने अंकाउट में जमा कराया तो पता चला कि स्लिप की वैधता खत्म हो चुकी है। इस पर अमित ने अजय सिंह से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि पुराने प्रमोटर्स से विवाद चल रहा है और सुलझते ही वह नई डीआईएस जारी कर देंगे। इसी दौरान 10 मार्च 2022 को मीडिया के जरिए पता चला कि अजय सिंह के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। अमित ने पता लगाया तो यह बात सामने आई कि अजय सिंह पर साल 2019 के बाद से चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।