गुरुग्राम। शहर के सेक्टर-46 स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने शनिवार को स्कूल के गेट के आगे प्रदर्शन किया। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों से पिछले दो सत्रों के लिए वार्षिक सहित अन्य शुल्क मांगे जा रहे हैं जबकि कोरोना महामारी के कारण पिछले 2 वर्षों से स्कूल बंद थे और किसी भी तरह की गतिविधियां स्कूल की ओर से आयोजित नहीं हुईं। स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को बार-बार शुल्क जमा कराने के लिए कहा जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन हमारी कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं है और वार्षिक शुल्क बढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है। 65 से 70 हजार रुपये स्कूल प्रबंधन की ओर से वार्षिक शुल्क के मांगे जा रहे हैं।
गेट पर एकत्रित हुए अभिभावकों से स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई बात नहीं की गई। स्कूल प्रबंधन की मनमानी से परेशान आ चुके अभिभावक मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी से मिलेंगे और बच्चों के भविष्य को लेकर गुहार लगाएंगे। अभिभावकों का कहना है कि यह निजी स्कूल नहीं बल्कि यह दुकानें हैं, जहां पर शिक्षा बेची जा रही है, पढ़ाई नहीं कराई जा रही। हम स्कूल प्रबंधन के समक्ष बैठकर मामलों का समाधान चाहते हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन अभिभावकों के साथ बैठक करने का तैयार नहीं है।
एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्या आरती चोपड़ा का कहना है कि स्कूल की ओर से फीस मामले का निपटारा किया जा चुका है और जायज शुल्क ही अभिभावकों से मांगे जा रहे हैं। हरियाणा शिक्षा निदेशालय की गाइडलाइन के तहत ही बच्चों की फीस जमा कराई जा रही है। कुछ अभिभावक जायज शुल्क को लेकर भी विरोध कर रहे हैं, तो स्कूल प्रबंधन क्या समाधान कर सकता है।