गुरुग्राम। नए बन रहे गुरुग्राम वाया पटौदी-रेवाड़ी हाईवे पर करीब डेढ़ लाख पौधे लगाए जाएंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इतने पौधों के लिए वन विभाग को भुगतान कर दिया है। इस मानसून से यहां पौधों की रोपाई शुरू हो जाएगी। हाईवे के निर्माण के लिए एनएचएआई ने 14000 पेड़ चिन्हित कर वन विभाग से उन्हें काटने की अनुमति मांगी थी। वन विभाग ने एनएचएआई को पेड़ काटने की एवज में क्षतिपूर्ति राशि जमा कराने को कहा था, राशि भुगतान की प्रक्रिया के बाद एनएचएआई ने पेड़ों की कटाई शुरू कर दी है। अब तक करीब तीन हजार पेड़ काटे भी जा चुके हैं।
ये है नियम
किसी भी परियोजना के आड़े आने वाले पेड़ों को हटाने के लिए संबंधित एजेंसी को वन विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। अनुमति के दौरान वन विभाग एजेंसी से क्षतिपूर्ति राशि वसूलता है। यह राशि पेड़ों की किस्म और उनकी बढ़ोतरी के लिहाज से अलग-अलग होती है। चिन्हित पेड़ों को काटने की अनुुमति की एवज में वन विभाग को 10 गुणा पौधे लगाने पड़ते हैं। इस लिहाज से इस हाईवे पर करीब डेढ़ लाख पौधे लगाए जाएंगे।
पांच से छह फुट के पौधे लगेंगे
वन विभाग पटौदी के रेंज अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि हाईवे पर पांच से छह फुीट की ऊंचाई के पौधे लगाए जाएंगे, ताकि उन्हें बढ़ने में कम समय लगे। इससे हाईवे के तैयार होने तक पौधे बेहतर तरीके से बढ़ोतरी कर लेंगे। किस किस्म के पौधे लगाए जाएंगे, इसके जवाब में उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी की गुणवत्ता के हिसाब से उनका चयन किया जाएगा। जल्दी बढ़ोतरी करने वाले पौधों को तरजीह दी जाएगी।
हाईवे के निर्माण की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। जमीन अधिग्रहण कर दुकान-मकानों को तोड़ कर पेड़ों की कटाई शुरू कर दी है। 43.2 किलोमीटर इस हाईवे का निर्माण दिसंबर 2023 तक पूरा करने की समय सीमा तय है। इरकॉन इंटरनेशनल कंपनी को इसके निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक (पटौदी रोड पर) और उसके बाद वजीरपुर गांव तक इसे छह लेन बनाया जाएगा। यहां तक इसकी चौड़ाई 60 मीटर रहेगी। वजीरपुर मोड़ से आगे रेवाड़ी तक यह चार लेन का होगा।
-पीके कौशिक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई