गुरुग्राम। सेक्टर-53 स्थित वेस्टएंड हाइट्स सोसाइटी में दूषित पानी पीने से यहां रहने वाले 100 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। पेट दर्द, उल्टी, दस्त की शिकायत पर यह लोग विभिन्न निजी चिकित्सकों व अस्पताल में पहुंचे और अपना इलाज कराया। उधर, घटना के बाद से सोसाइटी प्रबंधन में अफरा-तफरी का माहौल है। इस सोसाइटी में नगर निगम के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है। शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से टीम वहां पहुंची और पानी के नमूने लिए। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।
2009 में बनकर तैयार हुई इस सोसाइटी के पांच टावरों में 368 फ्लैट हैं। करीब-करीब सभी फ्लैटों में परिवार रहते हैं। सोसाइटी की रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की सचिव प्रीति आनंद कहती हैं कि जो लोग बीमार हैं, उनकी हालत में अब सुधार है। अधिकांश को पेट खराब होने की समस्या है। जांच कराने पर यही बताया गया कि इसका कारण पानी हो सकता है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि पानी में कमी है या फिर कोई और बात है।
उधर, लोगों का कहना है कि 3.25 करोड़ रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक के फ्लैट खरीदने के बाद भी यहां पीने को दूषित पानी मिल रहा है। लोगों का कहना है कि सोसाइटी में इतने महंगे फ्लैट होने के बावजूद अगर पीने का पानी भी साफ न मिले तो फिर भला और क्या उम्मीद की जा सकती है। इस सोसाइटी के बनाने वालों ने दावा किया था कि इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं और सुरक्षा के इंतजाम हैं।
दूषित पानी के संबंध में जानकारी है। पानी के नमूने जांच के लिए चले गए हैं। यह दूषित पानी क्यों आ रहा है, इसके लिए भी विभाग से शिकायत की गई है ।
- हरिकिशन, स्टेट मैनेजर, वेस्टएंड हाइट्स सोसाइटी
इस सोसाइटी में 1500 लोग रहते हैं। दूषित पानी से बीमार होने पर 96 लोगों को दवा दी गई है। 2 साल का सिर्फ एक बच्चा भर्ती है। पानी की जांच के लिए नमूना भेज दिया गया है। सोमवार को रिपोर्ट आएगी।
- डॉ. वीरेंद्र यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गुरुग्राम