देश में पहली बार लिवर ट्रांसप्लांट में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके एक साथ तीन लोगों की जिंदगी बचाने का काम किया गया है। इसको थ्री-वे लिवर ट्रांसप्लांट स्वैप, या पेयर्ड एक्सचेंज तकनीक कहते हैं। इसमें टर्मिनल लिवर रोग से पीड़ित तीन मरीजों का एक साथ जीवन रक्षक लिवर ट्रांसप्लांट किया गया।
इस ट्रांसप्लांट्स को मेदांता मेडिसिटी के मुख्य सर्जन डॉ. एएस सोइन, डॉ. अमित रस्तोगी, और डॉ. प्रशांस भांगुई ने अंजाम दिया है। यह थ्री-वे स्वैप तीन अजनबियों के बीच किया गया।
मध्य प्रदेश के उद्योगपति संजीव कपूर, उत्तर प्रदेश के उद्योगपति सौरभ गुप्ता और दिल्ली की गृहणी आदेश कौर को लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत थी। इनका जीवन टर्मिनल लिवर फेल्योर के कारण खतरे में था। जान बचाने के लिए तुरंत लिवर ट्रांसप्लांट किया जाना जरूरी था। वो इस स्थिति में नहीं थे कि डोनर का इंतजार कर सकें। इसमें एक साल तक का समय लग सकता था। तीनों मरीजों के लिए उनके परिवार में ही जीवित डोनर थे, पर उनमें से कोई भी उचित मैच नहीं था। इन तीनों ने बचने की उम्मीद खो दी थी।
टीम ने एक साथ स्वैप सर्जरी की योजना बनाकर इन तीनों को नया जीवन दिया। डॉ. अमित रस्तोगी ने कहा, तीन लिवर ट्रांसप्लांट करने का मतलब है, एक साथ छह सर्जरी करना। यह एक बहुत बड़ा काम है। डॉ. नरेश त्रेहन ने इस जटिल सर्जरी के लिए टीम को बधाई दी।