गुरुग्राम। महंगाई लगातार बढ़ रही है। खाद्य पदार्थ हो या रसोई की जरूरत के बर्तन, सभी के रेट धीरे धीरे बढ़ रहे हैं। दुकानदार महंगाई का कारण रूस-यूक्रेन युद्ध, विदेशों से आने वाले खाद्य पदार्थों के महंगा होने, पैकिंग और मालभाड़ा को बता रहे हैं।
शांति जनरल स्टोर के संचालक प्रवीण सिंगला कहते हैं कि गेहूं की फसल कट रही है। इस वक्त आटा सस्ता होना चाहिए। इससे उलट आटा 30 से 32 रुपये प्रति किलो है, जबकि ये 28 रुपये तक होना चाहिए। मैगी 12 से सीधे 15 रुपये प्रति पैकेट हो गई है। हींग और पैकेट बंद नमकीन के भाव भी बढ़े हैं। थोक में माल आपूर्ति करने वाले कारोबारियों का कहना है कि अभी कुछ और चीजें महंगी हो सकती हैं।
सदर बाजार के बर्तन कारोबारी रोहित बोहरा बताते हैं कि जनवरी से मार्च के बीच ही धातुएं महंगी हो चुकी हैं। पीतल 300 और तांबा 500 रुपये प्रति किलो तक महंगा हुआ है। इसकी वजह धातुओं के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दाम बढ़ना है। रूस यूक्रेन युद्ध फरवरी में शुरू हुआ है। ये बढ़ोत्तरी धीरे धीरे होती जा रही है। आने वाले दिनों में ये भाव कम या और ज्यादा भी हो सकते हैं।
तेजी से बढ़ते बाजार भाव
खाद्य पदार्थ जनवरी 21 मार्च
रिफाइंड 140 180
डालडा 150 170
सरसों तेल 170 190
नोट : सभी भाव प्रति लीटर की दर से।
नये बर्तन के भाव
धातु जनवरी 21 मार्च
लोहा 100 120 से 130
पीतल 800 1100
तांबा 1000 1500
एल्युमिनियम 250 300
पुराने बर्तन की वापसी का भाव
धातु जनवरी 21 मार्च
पीतल 450 550
तांबा 600 750
एल्युमिनियम 150 170 लोहा 50 60
नोट : सभी भाव प्रति किलो की दर से।