गुरुग्राम। जीएसटी विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार के खेल में इस बात का खुलासा हुआ है कि इंस्पेक्टर सुमित्रा गोदारा जब किसी फाइल के बारे में एक्साइज एंड टैक्सेशन अफसर (ईटीओ) रोशनलाल फरीदाबाद को इशारा करती थीं, तभी उस पर उनकी कलम चलती थी। कुछ समय पहले तक रोशन लाल की तैनाती गुरुग्राम कार्यालय में थी। उस समय यह महिला इंस्पेक्टर उनकी सबसे करीबी मानी जाती थीं। उसी का असर यह था कि ईटीओ अपने क्लाइंट से फरीदाबाद में कोई डील नहीं करते थे। वह केवल सुमित्रा से मिलने की बात करते थे। सुमित्रा ही ऐसे लोगों को काउंसलिंग के साथ घूस देने के लिए लोगों को तैयार करती थीं। राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम को छानबीन के दौरान पता चला है कि सेक्टर-39 के जिस अपार्टमेंट में दोनों रहते हैं। उनका फ्लैट भी ऊपर-नीचे है। छानबीन के दौरान पता चला कि रोशन लाल का चयन 11 साल पहले हुआ था। विभाग में तैनाती से पहले वह लेक्चरर थे।
घूस लेने वाला ईटीओ एक दिन की रिमांड पर, महिला इंस्पेक्टर गई जेल
गुरुग्राम। राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को भ्रष्टाचार के दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। जहां पर अदालत ने महिला इंस्पेक्टर सुमित्रा गोदारा को जेल भेज दिया, जबकि आबकारी एवं कराधान अधिकारी (ईटीओ) फरीदाबाद रोशन लाल एक दिन की पुलिस रिमांड पर है। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर रणवीर ने बताया कि आरोपी ने अब तक भ्रष्टाचार से कितनी प्रॉपर्टी बनाई है। इसकी छानबीन की जा रही है। साथ ही कितने मामले इस तरह से उसने जारी किया है। बता दें कि राज्य चौकसी ब्यूरो करनाल की टीम ने सोमवार को जीएसटी नंबर देने के नाम पर दो लाख रुपये घूस लेते हुए महिला इंस्पेक्टर को रंगे हाथ दबोचा था। यह घूस फरीदाबाद में तैनात इटीओ रोशन लाल के लिए लिया गया था।