गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिस की गिरफ्त में आए फर्जी आईपीएस अधिकारी संदीप शर्मा को लेकर नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस रिमांड में आरोपी ने कबूला कि 2011-12 में सेक्टर-38 स्थित सोसाइटी में रहने के दौरान उसने जान का खतरा होने का हवाला देते हुए गुुरुग्राम पुलिस से करीब डेढ़ साल तक गनमैन रखा था। गनमैन के कारण कई लोग उसे आईपीएस अधिकारी मानने लगे थे, जिसका वह अपने बिजनेस और रौब झाड़ने में बहुत काम लेता था। पुलिस आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश करेगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी संदीप शर्मा 2011-12 में सेक्टर-38 में रहता था। इस दौरान उसने सदर थाना क्षेत्र में खुद पर जानलेवा हमला होने की शिकायत दर्ज कराते हुए सुरक्षा मांगी थी। तत्कालीन वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी के बेटे के साथ बिजनेस ताल्लुकात के कारण आरोपी को जल्द ही गनमैन मिल गया। करीब डेढ़ साल तक उसने गनमैन रखा।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गनमैन का फायदा वह अपने बिजनेस डील और रसूख के लिए भी करता था। इसे लेकर उस पर कई लोगों से मारपीट और धमकाने का आरोप भी लगा था। हालांकि डेढ़ साल बाद आरोपी से पुलिस सुरक्षा वापस ले ली गई। जिसके बाद वह एंबियंस सोसायटी में रहने लगा था।
घटना की रात को आरोपी संदीप के साथ दिल्ली पुलिस कांस्टेबल से मारपीट करने वाले उसके ड्राइवर को भी रविवार को पुलिस की टीम ने लुधियाना के पास स्थित गांव से दबोच लिया है। जिसे देर शाम तक गुरुग्राम लाया जा सकता है। गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकन के मुताबिक आरोपी की रिमांड खत्म होने के बाद सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।