मुख्यमंत्री उड़नदस्ते, स्वास्थ्य विभाग व ड्रग्स कंट्रोल विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार सुबह फर्जी कोरोना रिपोर्ट बनाने वाली डायग्नोस्टिक लैब पर छापा मारा। पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के बयान पर लैब संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी व डिजास्टर मैनेजमेंट (डीएम) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि नाथूपुर रोड पर डीएलएफ फेज तीन क्षेत्र में एसआरएल डायग्नोस्टिक लैब मकान नंबर एन.आर-24, ग्राउंड फ्लोर पर फर्जी तरीके से पैसे लेकर कोविड टेस्ट की रिपोर्ट दी जा रही है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने स्वास्थ्य विभाग व ड्रग्स कंट्रोलर को अवगत कराया।
छापा मार कार्रवाई के दौरान पता चला कि यह डायग्नोस्टिक लैब लगभग 5 महीने से एसआरएल डायग्नोजिस्ट लैब की फ्रेचाइजी के रूप में चल रही है। इसके संचालक अनुज शर्मा ने कंपनी को 18 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर लेकर खोला है जो कि गुड हेल्थ डायग्नोस्टिक के नाम से रजिस्टर्ड है। टीम ने लैब में मौजूद संजीव निवासी महिपालपुर, दिल्ली को मौके से पकड़ा। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। लैब संचालक अनुज शर्मा की पुलिस को तलाश है।
दो से पांच हजार रुपये में बनती थी फर्जी रिपोर्ट
टीम ने इस बात का खुलासा किया है कि डायग्नोस्टिक लैब के नाम से डीएलएफ फेज-3 में फर्जी कोविड रिपोर्ट 2 से 5 हजार रुपये लेकर बनाई जाती थी। मौके से फर्जी रिपोर्ट, लैपटॉप, प्रिंटर, एक रबर की मोहर, 1 फोन व अन्य कागजात ओर 12,500 रुपये नकद बरामद किए हैं।
कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बनाने की सूचना थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ छापा मारकर मामले का भंडाफोड़ किया गया है। डीएलएफ फेज तीन थाना पुलिस लैब संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।
-इंद्रजीत यादव , डीएसपी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, गुरुग्राम