गुरुग्राम। सेक्टर-53 में हुडा की जमीन पर बनी बंजारा मार्केट को हटाए जाने की कार्यवाही के बीच यहां के राजस्थानी मूल के दुकानदारों का दर्द छलक रहा है। नाम न बताने की शर्त पर इन दुकानदारों का कहना है कि बाजार को रोशन करने के लिए बिजली भूमाफिया देता था। इसके लिए उनसे अब तक 1500 से 2000 रुपये की मासिक वसूली होती थी। इस बीच में कई सरकारें आईं, लेकिन ने उनके रोजगार को स्थायी करने पर ध्यान नहीं दिया।
शुक्रवार को निराशा से भरे होने के बाद भी रोबीले चेहरे के मालिक करीब 35 वर्षीय दुकानदार ने बताया कि सरकार की नजर में भले वे यहां मुफ्त रह रहे हैं, लेकिन भूमाफिया उनसे लगातार वसूली करता रहा है। यहां तक कि उन्हें बिजली उपलब्ध कराने के लिए भी 1500 से 2000 हजार रुपये वसूले जा रहे थे। भूमाफिया को यह बिजली कहां से मिल रही थी, स्थानीय अधिकारी इसकी जानकारी नहीं होने का दावा करते हैं। ऐसे में दुकानदार सवाल पूछ रहे हैं कि क्या बिना विभागीय मिलीभगत के यह संभव हो सकता है। उनका कहना है कि अब 12 साल बाद उनसे जमीन खाली कराने की कोशिश की जा रही है। रोजगार चौपट होने के बाद भूखे परिवार को लेकर कहां जाएं।
ग्राहक बढ़े, पर हर कोई सस्ता ही खरीदना चाहता है सामान
बंजारा मार्केट की प्रधान सुशीला ने बताया कि जब से मार्केट हटाने की बात फैली है, यहां ग्राहकों की संख्या बढ़ गई है। उनमें से ज्यादातर मार्केट टूटने का डर दिखाकर सामान सस्ते में ही खरीदने का प्रयास कर रहे हैं। दुकानदार भी यह सोचकर सामान सस्ता दे रहे हैं कि पता नहीं कब तक यहां रहेंगे। सामान को इधर से उधर करने में ही काफी टूट-फूट हो जाएगी। इसलिए सामान सस्ते में निकालने में ही भलाई है। हालांकि ग्राहक इसे लागत से भी कम कीमत में खरीदना चाहते हैं।
हर समय एचएसवीपी की टीम आने की सता रही है चिंता
दुकानदार सुभाष ने बताया कि मार्केट में कुछ दुकानों को 3 सितंबर को तोड़ा गया था। उनका टूटा सामान अब भी मौके पर ही पड़ा है। इसके बाद दोबारा टूट-फूट की कार्रवाई नहीं हुई है। दुकानदारों में दिन-रात चिंता बनी हुई है कि पता नहीं कब एचएसवीपी की टीम आ जाए और उन्हें यहां से हटा दिया जाए।