गुरुग्राम। प्रदूषण नियंत्रण की कवायद में जुटा नगर निगम धूल को वापस जमीन पर लाने के लिए 64 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल कर चुका है। इसके बाद भी शहर में धूल के गुबार उड़ते हुए देखे जा सकते हैं। इस काम के लिए नगर निगम ने 30 ट्रैक्टर पानी के लगाए हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि उसके प्रयासों से स्थिति में कुछ सुधार जरूर हुआ है।
नगर निगम द्वारा प्रत्येक जोन में 16 हजार लीटर ट्रीटेड वॉटर का प्रयोग किया गया है। इस तरह कुल चार जोन में 64 हजार लीटर ट्रीटेड वॉटर का छिड़काव किया गया है। प्रत्येक जोन में 8 घंटे की शिफ्ट में काम किया गया है। इस तरह 4 जोन में कुल 64 घंटे पानी के छिड़काव का कार्य हो चुका है। नगर निगम द्वारा 1 जोन में छिड़काव के लिए चार राउंड लगाए गए हैं। कुल 16 राउंड ट्रैक्टर चल चुके हैं और उन्होंने 4 जोन में कुल 56 किलोमीटर की दूरी तय की है। इसके बाद भी शहर में धूल के गुबार अभी पूरी तरह शांत होते हुए नहीं दिख रहे हैं।
धूल को नियंत्रित करने के लिए 13 मशीनें ऑटोमेटिक, 8 फायर व्हीकल, 30 ट्रैक्टर लगाए हैं। इसमें 8 फायर व्हीकल हमारे हैं। इसके अलावा अन्य संसाधन कॉन्ट्रेक्ट के माध्यम से लगाए गए हैं। लगातार काम जारी है। जल्द ही स्थिति में सुधार होता हुआ दिखाई देगा। - एसएस रोहिल्ला, जनसंपर्क अधिकारी गुरुग्राम