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ग्रेनो मेट्रो के लिए 870 करोड़ का बजट मंजूर

Fri, 13 Mar 2015 11:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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नोएडा में आगामी वित्तीय वर्ष में नोएडा-ग्रेनो मेट्रो परियोजना पर 870 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शुक्रवार को दिल्ली के उत्तर प्रदेश सदन में हुई नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन (एनएमआरसी) की दूसरी बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा बोर्ड ने कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए।
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उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव व एनएमआरसी के अध्यक्ष आलोक रंजन, प्रबंध निदेशक और प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमण, कार्यकारी निदेशक जीपी सिंह सहित तमाम अधिकारी इसमें शामिल हुए। बोर्ड बैठक में कुल 17 एजेंडे प्रस्तुत किए गए, जिन्हें मंजूरी दी गई।

मेट्रो की डीपीआर में नोएडा की वित्तीय ग्रांट 500 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी, जिसे बोर्ड ने 1000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव पास कर दिया। मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए नोएडा और ग्रेनो के 40 फीसदी यानी 2200 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर के तहत 500 करोड़ रुपये आगामी वित्तीय वर्ष में जारी करने के फैसले को मंजूरी दी गई। इसमें से 350 करोड़ रुपये नोएडा और 150 करोड़ रुपये ग्रेनो प्राधिकरण को देने होंगे।
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बोर्ड ने एनएमआरसी के लिए आंतरिक और वैधानिक लेखा परीक्षक की नियुक्ति के अलावा एनएमआरसी में नोएडा व ग्रेनो के प्राधिकरण के अधिकारियों की नियुक्ति, एनएमआरसी की एचआर पॉलिसी को पांच सामान्य शर्तों के बिंदुओं के साथ और कंपनी एक्ट के तहत अकाउंटिंग पॉलिसी पर मुहर लगा दी।

सिटी बस योजना को हरी झंडी
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सिटी बसों के संचालन का जिम्मा एनएमआरसी को सौंपा गया है। इस बार बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को भी रखा गया था, जिसे हरी झंडी दिखा दी गई। सिटी बसों को आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) से जोड़ने के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने पास कर दिया।

स्मार्ट सफर का रास्ता साफ
एनएमआरसी की मेट्रो के स्मार्ट कार्ड से डीएमआरसी और गुड़गांव की रैपिड मेट्रो, डीटीसी व सिटी बसों में सफर किया जा सकेगा। यात्रियों की सहूलियत के लिए बोर्ड में इस प्रस्ताव को रखा गया था, जिसे मंजूरी दे दी गई।

डिपो का काम इसी माह
ग्रेटर नोएडा के अंतिम मेट्रो स्टेशन पर डिपो बनेगा जहां मेट्रो का रखरखाव होगा। परियोजना के इस हिस्से का काम इस महीने के अंत तक शुरू करने का दावा किया जा रहा है। इसके टेंडर जारी कर दिए गए हैं।

बजट का लेखाजोखा
- 800 करोड़ रुपये कॉरिडोर के निर्माण और कंसलटेंसी पर होंगे खर्च
- 36 करोड़ रुपये एनएमआरसी के तहत सिटी बस सेवा पर होंगे खर्च
- 34 करोड़ रुपये परियोजना से जुड़े विभिन्न कार्यों पर किए जाएंगे खर्च

बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। आगामी वित्तीय वर्ष का बजट पास करने का फैसला अहम रहा। इस परियोजना पर काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
- जीपी सिंह, कार्यकारी निदेशक, एनएमआरसी

नोएडा के बदौलत पर मिलेगी मेट्रो सवारी
ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो दौड़ाने के लिए नोएडा को ज्यादा कीमत चुकानी होगी। करीब 5500 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर ग्रेनो को महज 700 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे जबकि नोएडा पर करीब 2600 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा यानी नोएडा की बदौलत पर ग्रेनो को मेट्रो की सवारी मिलेगी।

ग्रेनो प्राधिकरण करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा हुआ है। ऐसे में मेट्रो के लिए फंड का बंदोबस्त करने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। ग्रेनो में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त पर मेट्रो सेस लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा मेट्रो के आसपास एफएआर (फ्लोर एरिया रेश्यो) पर भी विचार किया जा रहा है।

दरअसल, करीब 29 किलोमीटर लंबे नोएडा-ग्रेनो मेट्रो कॉरिडोर को तैयार करने में करीब 5500 करोड़ रुपये का खर्च आएगा जिसमें 48 फीसदी रकम अकेले नोएडा प्राधिकरण खर्च करेगा। प्रोजेक्ट के लिए 1100 करोड़ रुपये केंद्र से और 1100 करोड़ रुपये राज्य सरकार से जुटाए जाएंगे जबकि 1100 करोड़ रुपये की ग्रांट नोएडा प्राधिकरण की तरफ से दी जाएगी। शेष करीब 2200 करोड़ रुपये में नोएडा और ग्रेनो की 28 व 12 फीसदी की भागीदारी होगी।
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