नगर निगम ने एक अप्रैल से कुत्तो का पंजीकरण नहीं कराने वालों पर जुर्माना राशि को बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया था। साथ ही, निर्धारित संख्या से ज्यादा कुत्ते पालने पर जुर्माना वसूलना भी शुरू कर दिया है। नगर निगम पंजीकरण के रिकॉर्ड के आधार पर भी ऐसे लोगों की पहचान कर रहा है जो नियमाें का उल्लंघन कर रहे हैं। नियमानुसार आवासीय क्षेत्र में 200 वर्ग गज के मकान में दो से अधिक कुत्ते नहीं पाले जा सकते हैं। दो अतिरिक्त कुत्ते पालने के लिए 100 वर्ग गज अतिरिक्त स्थान की आवश्यकता होगी।
शासन की ओर से नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण विभाग को समय-समय पर निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार ने बताया कि कुत्ता पालने वालों से लगातार पंजीकरण कराने की अपील की जा रही है। साथ ही, निर्धारित संख्या में ही कुत्ते रखने की सलाह दी जा रही है। नगर निगम ने अब तक छह हजार से अधिक पालतू कुत्तों का पंजीकरण किया है। ऐसे कुत्ते जो बीमार हैं या फिर देसी नस्ल के हैं, उनका निशुल्क पंजीकरण किया जा रहा है।
चार से अधिक कुत्तों के लिए बनाना होगा शेल्टर
चार से अधिक कुत्तों के लिए डॉग शेल्टर का प्रावधान लागू किया गया है। शेल्टर एक निर्धारित क्षेत्रफल में बनाना होगा। साथ ही, पर्याप्त देखभाल की व्यवस्था करनी होगी। डॉग शेल्टर में प्रत्येग छह माह में लाइसेंस नवीनीकरण किया जाएगा। चार कुत्तों तक लाइसेंस की अवधि एक वर्ष है, जबकि चार से अधिक कुत्तों के लिए छह माह की अवधि निर्धारित है।