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एसबीआई कार्ड्स का असिस्टेंट मैनेजर गिरफ्तार

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एसबीआई कार्ड्स का असिस्टेंट मैनेजर साथी समेत गिरफ्तार
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गाजियाबाद। नोएडा एसटीएफ और कविनगर पुलिस ने 39 लाख रुपये के फर्जीवाड़े में एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विस लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर को साथी समेत गिरफ्तार किया है। आरोपी असिस्टेंट मैनेजर पर आरोप है कि वह दोस्त की पेमेंट अटकने का हवाला देते हुए उसे फर्जी पीड़ित बताता था और बैंक से उसके खाते में रिफंड करा देता था। कंपनी के अधिकृत प्राधिकारी ने फर्जीवाड़े के संबंध में कविनगर थाने में केस दर्ज कराया था।
थाना किशनी, मैनपुरी के बरिहार समान निवासी अभिषेक चंद्रा एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विस लिमिटेड के सदरपुर दिल्ली स्थित ऑफिस में असिस्टेंट मैनेजर था। उसका काम एसबीआई के क्रेडिट कार्ड धारकों की पेमेंट संबंधी समस्याओं का समाधान करना था। किसी ग्राहक की पेमेंट फंसने पर अभिषेक चंद्रा के द्वारा ही पैसे रिफंड कराने की प्रक्रिया पूरी कराई जाती थी। अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अभिषेक चंद्रा ने बैंक को 38 लाख 72 हजार 984 रुपये की चपत लगा दी।
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घटना के संबंध में एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विस लिमिटेड वजीरपुर दिल्ली यूनिट के अधिकृत प्राधिकारी अनवर हुसैन ने कविनगर थाने में केस दर्ज कराया। कविनगर पुलिस के अलावा नोएडा एसटीएफ भी अभिषेक चंद्रा की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही थी। शनिवार को अभिषेक चंद्रा और नगीना, बिजनौर के गांव मोहल्ला लाल सराय निवासी उसके दोस्त विक्रांत को गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर से गिरफ्तार कर लिया। विक्रांत वर्तमान में सरिता विहार दिल्ली के मदनपुर खादर में रह रहा था।
अपने दोस्त को बना देता था पीड़ित
पुलिस के मुताबिक अभिषेक चंद्रा ने अपने दोस्त विक्रांत के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया। विक्रांत भी एसबीआई क्रेडिट कार्ड धारक है। अभिषेक चंद्रा जब ग्राहकों के पैसे रिफंड कराने की प्रक्रिया शुरू करता तो उनके साथ अपने दोस्त विक्रांत का नाम भी भेज देता। 5 से लेकर 20 हजार तक की रकम वह कई ट्रांजेक्शन के जरिये विक्रांत के खाते में जमा करा चुका है।
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ऑडिट में खुला असिस्टेंट मैनेजर का खेल
एसबीआई कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विस लिमिटेड कंपनी में ऑडिट होने पर असिस्टेंट मैनेजर अभिषेक चंद्रा का खेल उजागर हुआ। इस संबंध में उससे स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन वह फरार हो गया। इसके बाद उसके खिलाफ कविनगर थाने में केस दर्ज कराया। कंपनी के प्राधिकृत अधिकारी अनवर हुसैन का कहना है कि कंपनी में विभागीय जांच अभी जारी है। फर्जीवाड़े के तह तक खुलासा होगा। अभी इस संबंध में उन्हें भी ज्यादा जानकारी नहीं है।
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