पेंट करते दीवार ढही, नीचे गिरने से दो मजदूरों की मौत
वसुंधरा। सेक्टर-1 में बृहस्पतिवार दोपहर तीन मंजिला मकान पर पेंट कर रहे दो मजदूर दीवार टूटने से सड़क पर गिर गए। मौके पर नंदग्राम ई-ब्लॉक निवासी सोनू की मौत हो गई। जबकि फिरोज गंभीर रूप से घायल हो गया। तीसरा मजदूर चंद्रपाल पुलिस की मदद से घायल को एमएजी अस्पताल लेकर गया। वहां डॉक्टरों ने फिरोज को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। सोनू के भाई बिजेंद्र ने मकान मालिक के खिलाफ इंदिरापुरम पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मूलरूप से मेरठ के खरखौदा में रहने वाला सोनू (22) और सहरसा बिहार के 38 वर्षीय फिरोज नंदग्राम ई ब्लॉक में किराए के मकान में रहते थे। दोनों लोग पड़ोसी चंद्रपाल के साथ वसुंधरा सेक्टर-1 में मनोज त्यागी के तीन मंजिल मकान पर पेंट और मरम्मत का काम कर रहे थे। करीब 15 दिनों पहले सोनू और फिरोज ने 50 हजार रुपये में काम करने का ठेका लिया था। बिजेंद्र ने बताया कि उनका भाई सोनू मकान पर झूला बांधकर पेंट कर रहा था। दोपहर में अचानक तीसरी मंजिल की दीवार भरभराकर नीचे गिर गई। इससे सोनू और फिरोज नीचे सड़क पर गिरकर घायल हो गए। सोनू के सर पर दीवार की ईंटें गिरने से काफी चोट आई, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से घायल फिरोज को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए चंद्रपाल ने पुलिस को फोन किया। चंद्रपाल का आरोप है कि करीब आधे घंटे देरी से पुलिस मौके पर पहुंची और फिर फिरोज को एमएमजी अस्पताल लेकर गई। लेकिन उसकी पहले ही मौत हो गई थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मकान मालिक पर लापरवाही का आरोप :
चंद्रपाल का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से वह पेंट और मरम्मत का काम कर रहे थे। बृहस्पतिवार को काम फाइनल होना था। सिर्फ फ्रंट पर पेंट होना था। इसके लिए वह सीढ़ी पर झूला बांधकर काम करने लगे। चंद्रपाल पीछे सीढ़ी पकड़कर बैठ गए, जबकि सोनू और फिरोज दोनों रस्सी से लटककर पेंट करने लगे। इसी बीच जर्जर दीवार गिर गई। आरोप है कि काम शुरू करने से पहले उन्होंने मकान मालिक को दीवार तुड़वाकर दूसरी बनाने के लिए कहा था। मगर मालिक ने मामला टाल दिया और इसके बाद यह घटना हो गई। रात में परिजनों ने इंदिरापुरम थाने पहुंचकर पुलिस को मकान मालिक के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोई मदद को नहीं आया
चंद्रपाल का कहना है कि सोनू और फिरोज के नीचे गिरने के बाद वह तुरंत पीछे कूद गए और घटना से बाल-बाल बच गए। इसके बाद वह नीचे पहुंचे और लोगों से फिरोज को अस्पताल ले जाने के लिए बोलते रहे। मगर कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। आखिरी समय पर फिरोज पानी मांगता रहा, वो भी लोगों ने नहीं दिया। इतना ही नहीं, पुलिस की गाड़ी में अस्पताल जाते समय फिरोज ने दो-बार बैठने के लिए कहा। लेकिन तीसरी बार के प्रयास में उसकी सांसे बंद हो गई। वहीं घटना के दौरान मालिक वहां नहीं थे, लेकिन उनकी पत्नी मृतक सोनू को देखकर रोने लगी थीं।
इंदिरापुरम थाना प्रभारी मनीष बिष्ट का कहना है कि परिजनों की तरफ से शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।