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रैपिड के सभी स्टेशनों और डिपो में 40 फीसदी कम होगी बिजली की खपत

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रैपिड के सभी स्टेशनों में 40 फीसदी कम होगी बिजली की खपत
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गाजियाबाद। देश की पहली रीजनल रैपिड ट्रेन के सभी स्टेशन और डिपो की बिल्डिंग हरित पर्यावरण के अनुकूल होगी। रैपिड के स्टेशनों के साथ डिपो में बिजली की खपत को 40 फीसदी कम करने के लिए अक्षय ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों और नवीन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। एनसीआरटीसी ने इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) से ग्रीन बिल्डिंग की उच्चतम रेटिंग हासिल करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। हरित ऊर्जा के इस्तेमाल के लिए एनसीआरटीसी का भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) से समझौता हो चुका है।
सभी स्टेशन सौर ऊर्जा से होंगे जगमग
रैपिड रेल कॉरिडोर में पड़ने वाले सभी स्टेशन सौर ऊर्जा से जगमग होंगे। बिजली की खपत को कम करने के उद्देश्य से सभी स्टेशनों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाने की योजना है। ऐसे में स्टेशन में अधिकांश ऊर्जा की खपत सौर ऊर्जा के जरिए पूरी होगी। महानगर में पहले प्राथमिकता वाले खंड में साहिबाबाद, मेरठ रोड तिराहा, गुलधर, दुहाई स्टेशन और दुहाई डिपो के अलावा दूसरे चरण में मुरादनगर, मोदीनगर नॉर्थ और मोदीनगर साउथ में स्टेशन में सौर ऊर्जा पैनल लगाए जाएंगे।
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स्टेशनों पर सौर ऊर्जा, एसटीपी और वर्षा जल संचयन प्लांट लगेंगे:
ग्रीन बिल्डिंग प्रणाली के तहत सभी स्टेशनों पर वर्षा जल संचयन, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, आकर्षक हरियाली (लैंड स्केपिंग) सहित आदि बंदोबस्त किए जाएंगे। स्टेशन व डिपो पर अत्याधुनिक सोलर ट्यूब लाइटें लगाई जाएंगी। वहीं, स्टेशन में हवा के प्रवाह केसाथ नेचुरल प्रकाश व्यवस्था के लिए दरवाजे, खिड़कियां और बुनियादी ढांचा निर्मित किया जाएगा। ऐसे में कम बिजली और पानी की खपत होने से एनसीआरटीसी को लाखों की बचत भी होगी।
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कोट...
हरित भवन के उच्च मानकों को पूरा करने के प्रयास:
रैपिड के सभी स्टेशन, डिपो और सब स्टेशन के भवन में सौर ऊर्जा से पैदा होने वाली बिजली का इस्तेमाल होगा। हरित भवन के उच्च स्तरीय मानकों को पूरा करने के प्रयास लगातार जारी हैं। एनसीआरटीसी का निर्माण एक आदर्श स्थापित करेगा। -- पुनीत वत्स, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी
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