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चार माह में असलहा फैक्टरी दो बार पकड़ी, संचालक एक बार भी नहीं

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चार माह में असलहा फैक्टरी दो बार
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पकड़ी, संचालक एक बार भी नहीं
गाजियाबाद। जिले से असलहों की खेप सप्लाई करने वाले जहीरुद्दीन की अवैध फैक्टरी को तो पुलिस दो बार पकड़ चुकी है, लेकिन जहीरुद्दीन एक बार भी नहीं पकड़ा जा सका। यह हाल तो तब है जब पड़ोसी जिले मेरठ का रहने वाला है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े असलहा सप्लायर के नाम से जाना जाता है। पुलिस के मुताबिक, जहीरुद्दीन असलहा फैक्टरी चलाने के साथ-साथ मुंगेर से भी हथियारों की सपई करता है। दिल्ली-एनसीआर में हुईं गैंगवार समेत कई संगीन घटनाओं में जहीरुद्दीन द्वारा सप्लाई किए गए हथियारों का इस्तेमाल हो चुका है।
पुलिस के मुताबिक, थाना कोतवाली, मेरठ के सराय बहलीम निवासी जहीरुद्दीन शुरूआत में मुंगेर से हथियारों की तस्करी करता था, लेकिन बाद में उसने मेरठ में खुद की अवैध असलहा फैक्टरी शुरू कर दी। वहां पुलिस ने छापा मारकर फैक्टरी का भंडाफोड़ कर दिया। उस दौरान भी जहीरुद्दीन पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका था। नौचंदी पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया, लेकिन वह जून माह में हाईकोर्ट से स्टे ले आया। इसके चलते पुलिस ने उस पर हाथ नहीं डाला। मेरठ के बाद उसने मुरादनगर के एक तहखाने में असलहा फैक्टरी शुरू कर दी। मुरादनगर पुलिस ने 4 सितंबर को इस फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए जहीरुद्दीन की पत्नी असगरी, भतीजे सलमान समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन खुद जहीरुद्दीन फरार होने में कामयाब हो गया। एएसपी आकाश पटेल का कहना है कि इस मामले में भी जहीरुद्दीन कोर्ट से स्टे ले आया था। जिसके चलते पुलिस उसे नहीं पकड़ सकी।
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इन वारदात में हुआ जहीरुद्दीन के हथियारों के इस्तेमाल
- मुरादनगर में हुए शाहरुख हत्याकांड में जहीरुद्दीन की फैक्टरी में बने असलहे का इस्तेमाल हुआ।
- लोनी में हुई 14 लाख रुपए की लूट में प्रयुक्त हथियार भी जहीरुद्दीन की फैक्टरी के थे।
- दिल्ली में हुई गैंगवार में इस्तेमाल हथियार भी जहीरुद्दीन की फैक्टरी में बने थे।
- दिल्ली की गैंगवार में शैामिल बदमाश इमरान ने जहीरुद्दीन की फैक्टरी से 27 पिस्टल खरीदी थीं।
विधानसभा चुनाव में होनी थी हथियारों की सप्लाई
पुलिस को गुमराह करने के लिए जहीरुद्दीन जगह बदल-बदल कर असलहों की अवैध फैक्टरी शुरू कर देता है। बुधवार को जिस मकान में फैक्टरी पकडी गई, वहां पहले जहीरुद्दीन ही फैक्टरी चलाता था। इसके बाद उसने 20 हजार रुपये महीना किराए पर मकान दे दिया और खुद दूसरे स्थान पर फैक्टरी शुरू कर दी। पुलिस का मानना है कि फैक्टरी में बन रहे हथियारों का इस्तेमाल विधानसभा चुनाव में होना था। एएसपी आकाश पटेल का कहना है कि फरार जहीरुद्दीन की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं।
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