फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वेव सिटी से प्रभावित किसानों ने जीडीए का किया घेराव

विज्ञापन
विज्ञापन
वेव सिटी से प्रभावित किसानों से जीडीए का किया घेराव
विज्ञापन

गाजियाबाद। एनएच-9 स्थित हाईटेक इंटीग्रेटेड टाउनशिप में वेव सिटी और सन सिटी से प्रभावित 18 गांवों के किसानों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को जीडीए का घेराव किया। बड़ी संख्या में एकत्रित हुए इकला, नायफल, बयाना सहित विभिन्न गांवों के किसानों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सर्किल रेट से चार गुना बढ़ी दर पर मुआवजा दिलाने और 2014 में हुए समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया। जीडीए गेट के सामने धरने पर बैठे किसानों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। किसानों ने फिर से करीब साढ़े चार घंटे तक अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्य द्वार से नहीं निकलने दिया। आखिर में जीडीए सचिव बृजेश कुमार को ज्ञापन सौंपने और कार्रवाई के मिले आश्वासन पर किसान ने धरना खत्म किया।
जीडीए के सामने की रोड रही बंद, लोगों ने झेली परेशानी
विभिन्न गांव के किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों और वाहनों से प्राधिकरण पहुंचे। किसानों ने घंटों जीडीए गेट पर विरोध प्रदर्शन कर जिला प्रशासन और प्राधिकरण अधिकारियों पर निशाना साधा। किसानों के प्रदर्शन से जीडीए के सामने से गुजरने वाली सड़क पर यातायात पूरी तरह से बंद हो गया। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने ठाकुरद्वारा की ओर जाने वाले ट्रैफिक को बैरीकेड लगाकर डायवर्ट कर दिया।
विज्ञापन

मांगों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन रहेगा जारी
भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष लोकेश नागर और किसान नेता नितिन प्रधान ने कहा कि किसानों के साथ 2014 में हुए समझौते का उल्लंघन किया जा रहा है। उनकी पांच सूत्रीय मांगों में किसानों की बची हुई 80 प्रतिशत जमीन का रेट सर्किल रेट से चार गुना करने, 2014 के समझौते को लागू करने, गांव महरौली व बम्हैटा में किसानों की जमीन पर जबरन कब्जे किया गया है। किसान नेता अमित चौधरी ने कहा कि मांगे माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना प्रदर्शन में रालोद और सपा नेताओं ने समर्थन दिया। इस मौके पर किचैड़ा से सुशील प्रधान, धर्मवीर प्रधान, अरुण शर्मा, सतीष त्यागी, नरेंद्र सिंह, किरणपाल सिंह सहित आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन

वेव सिटी: कोट...
समझौते के अधिकांश बिंदुओं को किया लागू
वेव समूह के प्रवक्ता ने कहा कि हमने समझौते के तहत ज्यादातर बिंदुओं को लागू कर दिया है। कुछ बिंदुओं को किसानों और विनियामक मुद्दों का अनुपालन नहीं किए जाने के कारण लागू नहीं किया जा सका है। समझौते के तहत विकास कार्यों में किसानों द्वारा बाधा उत्पन्न किए जाने पर समझौता निरस्त होने का भी प्रावधान है। हमें उम्मीद है कि सभी पक्षों द्वारा समझौते की प्रतिबद्धता को पूरा कर लिया जाए तो इसका समाधान जल्द से जल्द हो जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें