इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन के नाम पर ठगी कर रहे जालसाज
गाजियाबाद। अकबरपुर बहरामपुर में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बना नहीं कि साइबर ठगों ने इसके नाम से ठगी शुरू कर दी है। इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन में निवेश में मोटे मुनाफे का लालच देकर दिल्ली-एनसीआर व उत्तराखंड के लोगों से करोड़ों की ठगी हो चुकी है। ऐसे ही एक पीड़ित ने नंदग्राम थाने में केस दर्ज कराया है। पीड़ित का कहना है कि मोबाइल पर इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली नामी कंपनी के नाम से उनके पास एक लिंक आया। इसके बाद ठगों ने उनसे 21 हजार रुपये ठग लिए। पैसों की डिमांड जारी रहने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
नंदग्राम केसाईं एंक्लेव निवासी मनोज कुमार का कहना है कि वह न्यूज पोर्टल से जुड़े हैं। वह अपना मोबाइल देख रहे थे, इसी दौरान एक मेसेज प्राप्त हुआ। उसमें नामचीन टेस्ला कंपनी के नाम से एक लिंक था। टेस्ला कंपनी इलेक्ट्रिक कार बनाती है। मेसेज में बताया गया कि टेस्ला कंपनी भारत में कार को चार्ज करने के लिए इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगा रही है। इसमें निवेश करने पर अच्छा-खासा मुनाफा होगा। मनोज कुमार का कहना है कि उन्होंने लिंक खोलकर उसमें दिए खाता नंबर में 15 हजार 690 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उनसे मोबाइल पर एक एप डाउनलोड कराया गया। पीड़ित का कहना है कि इसके बाद उनकी आरोपियों से व्हॉट्सएप पर बात होने लगी। वह और रकम मांगने लगे तो ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने रकम वापस मांगी तो वह खाते में नहीं आई। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने अपना खाता बंद कराकर कंपनी को मेल भी किया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
करोड़ों रुपये ठगे, देहरादून पुलिस ने ट्रेस किया गैंग
मनोज कुमार का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से खोजबीन की तो आरोपी नोएडा व दिल्ली के निकले। जिन मोबाइल नंबरों से व्हॉट्सएप पर चैटिंग हुई, उनकी डिटेल भी उन्होंने निकलवा ली। मनोज कुमार का कहना है कि कुछ दिन पहले देहरादून पुलिस नोएडा से एक आरोपी को उठाकर भी ले गई है, लेकिन केस दर्ज कराने के बाद भी गाजियाबाद पुलिस एक कदम नहीं बढ़ी।
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दोस्त बनकर युवक को लगाया 40 हजार का चूना
गाजियाबाद। साइबर जालसाज ने दोस्त बनकर युवक को 40 हजार रुपये की चपत लगा दी। नंदग्राम के सद्दीकनगर सिहानी निवासी ओमकार त्यागी का कहना है कि उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने कहा कि वह कंपनी से उनका दोस्त बोल रहा है। उसे कुछ पैसों की जरूरत है। वह अपने एक दोस्त से पैसे मंगा रहा है, लेकिन वह फोन-पे करने को कह रहा है जबकि वह गूगल-पे इस्तेमाल करता है। कॉलर ने कहा कि वह उन्हें फोन-पे करा देता है। वह उसे गूगल-पे कर दें। ओमकार त्यागी का कहना है कि कॉलर ने उन्हे 20 हजार रुपये ट्रांसफर का स्क्रीनशॉट भेज दिया। जिसके बाद उन्होंने उसे 20 हजार रुपये गूगल-पे कर दिए। बाद में चेक किया तो पैसे उनके खाते में नहीं आए थे। साथ ही दो बार में 20 हजार रुपये और कट गए। इस तरह उनके खाते से कुल 40 हजार रुपये कट गए।
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पहले केवाईसी और फिर कस्टमर हेल्प के नाम पर ठगी
गाजियाबाद। नंदग्राम सी-ब्लॉक निवासी देशविंदर से साइबर ठगों द्वारा 65 हजार रुपये ठग लिए। पहले तो ठगों ने पहले तो खाते की केवाईसी के नाम पर रकम ठगी और फिर कस्टमर केयर का नंबर मिलाया तो वहां भी ठग मिले। पीड़ित देशविंदर का कहना है कि उन्हें मोबाइल पर एक लिंक मिला। उसमें एसबीआई अकाउंट की केवाईसी 10 मिनट में अपडेट करने की बात लिखी थी। लिंक खोलने पर एसबीआई की साइट खुली, जिसमें उन्होंने यूजर नेम और पासवर्ड भरा। उसके बाद उनके मोबाइल पर ओटीपी आने शुरू हो गए और खाते से 25 हजार रुपये निकल गए। उन्होंने कस्टमर केयर पर कॉल की तो उसने एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा। ऐसा करने पर उनके खाते से कुल 65 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित की तहरीर पर नंदग्राम पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। एसएचओ नीरज कुमार सिंह का कहना है कि आरोपियों को ट्रेस करने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।