गुजरात के सांवली प्लांट से दुहाई डिपो पहुंची पहली छह कोच की रैपिड रेल पटरी पर उतर आई है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के इंजीनियरों की टीम ने सोमवार को रैपिड रेल के सभी कोच को आपस में जोड़ दिया। मुख्य ट्रायल रन से पहले दुहाई डिपो में रैपिड रेल के जुलाई के आखिर तक तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे। तकनीकी परीक्षण शुरू करने की दिशा में तेजी से काम जारी है।
रैपिड रेल का मुख्य ट्रायल रन अगस्त में शुरू होगा। फिलहाल डिपो में बिजली की लाइनों, ओवर हेड इक्विपमेंट सहित अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुख्य ट्रायल रन की प्रक्रिया दिसंबर तक चलने की संभावना है फिर साहिबाबाद से दुहाई तक पहले प्राथमिकता खंड पर रैपिड रेल मार्च 2023 से दौड़ने लगेगी। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स का कहना है कि पहली रैपिड रेल के सभी कोच को जोड़कर पटरी पर उतार दिया गया है। तकनीकी संबंधी परीक्षण शुरू करने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
तकनीकी परीक्षा में जांची जाएंगी रेल की सभी प्रणालियां
छह कोच की रैपिड रेल के दुहाई डिपो में होने वाले तकनीकी परीक्षण में ट्रेन के अंदर और संचालन से जुड़ी सभी प्रणालियों को जांचने का काम जुलाई तक चलेगा। तकनीकी ट्रायल के लिए डिपो के अंदर इंटरनल-बे लाइन को तैयार किया जा चुका है। इसके अलावा डिपो में 11 स्टेबलिंग लाइन, दो वर्कशॉप लाइन, तीन इंटरनल-बे लाइन (आईबीएल), और एक हेवी इंटरनल क्लीनिंग लाइन के साथ एक वर्कशॉप और एक इंटरनल-बे लाइन का काम अंतिम चरण में है। डिपो में ही रैपिड रेल के प्रशासनिक भवन में मुख्य कमांड एंड कंट्रोल सेंटर होगा।
साहिबाबाद से दुहाई तक पहले दौड़ेंगी 13 ट्रेन
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक प्रस्तावित 82 किमी लंबे रैपिड रेल कॉरिडोर में दौड़ने वाली पहली रेल एनसीआरटीसी को मिल चुकी है। बाकी 29 रैपिड रेल का निर्माण कार्य गुजरात सांवली में एलस्ट्रोम प्लांट में तेजी से किया जा रहा है। साहिबाबाद से दुहाई तक 17 किमी लंबे पहले खंड के शुरू होने के बाद 13 ट्रेनों का संचालन होगा। दुहाई डिपो में एक साथ 13 ट्रेनों को खड़ा करने की व्यवस्था की गई है फिर दुहाई से मेरठ दक्षिण तक का दूसरा खंड अक्तूबर 2023 में खुलने के बाद ट्रेनों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। मेरठ के मोदीपुरम में बन रहे डिपो में 17 ट्रेन को खड़ा करने की सुविधा होगी।