ठेकेदार ने घटना से दो दिन पहले ही गिरवी रख दी थी कार
गाजियाबाद। 13 मई को लूट की सूचना देकर बेहोश होने वाले ठेकेदार अजय की कार पुलिस ने ट्रेस कर ली है। अजय ने घटना से दो दिन पहले अपने किसी परिचित के पास कार गिरवी रख दी थी और उसके बदले में मिले 1.80 लाख रुपये अपने भाई के खाते में ट्रांसफर करा दिए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि अजय गुरुग्राम नहीं गए थे, वह 12 मई को घर से निकलकर मेरठ गए थे। वहां से लौटने के बाद वह गाजियाबाद में मसूरी, आरडीसी, मुरादनगर क्षेत्र में ही घूमते रहे। शाम को मटियाला गांव में एक खेत में आकर बैठ गए। जहां अजय ने खुद ही हाथ की नस काटी थी और जहरीला पदार्थ खाया था।
बता दें कि अजय ने 13 मई को मसूरी थाना क्षेत्र के मटियाला गांव में एक खेत में से अपने चचेरे भाई को फोन कर लूट होने की सूचना देकर बेहोश गए थे। परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया तो जहां उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। अजय 12 मई को गुरुग्राम कंपनी के ऑफिस जाने की बात कहकर घर से गए थे और परिजनों को रात में वहीं रुकने की बात कही थी। 13 मई को अजय ने अपने भाई को फोन कर घर वापस आने और कुछ नकदी लाने की भी जानकारी दी थी। एसपी देहात डा. ईरज राजा ने बताया कि जांच आत्महत्या का मामला सामने आया है। सभी पहलुओं पर जांच की गई है। मामले में परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।
मसूरी के एक होटल में बिताई थी रात
एसपी देहात ने बताया कि अजय 12 मई को घर से निकलने के बाद मेरठ गए थे। वहां से लौटने के बाद वह गाजियाबाद के अलग-अलग इलाकों में घूमते रहे। उन्होंने रात में मसूरी क्षेत्र के एक होटल में कमरा लेकर रात बिताई थी और अगले दिन 13 मई को भी गाजियाबाद में रहे। शाम को उन्होंने आत्महत्या कर ली।
13 बैंक खाते मिले खाली
पुलिस ने घटना के बाद मामले का खुलासा करने के लिए अलग-अलग पहलुओं पर जांच की। इसी क्रम में पुलिस ने अजय के बैंक खाते खंगाले तो पता चला कि उनके सभी 13 बैंक खाते खाली मिले। पुलिस का कहना है कि अजय के मोबाइल से मिली जानकारी और खाते खंगालने के बाद मामले में देनदारी ज्यादा होने सामने आया है।