24 घंटे में डेंगू के 17 नए मरीज मिले
गाजियाबाद। जिले में डेंगू के 17 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। तीन मरीजों की पुष्टि राजकीय पैथोलॉजी लैब एमएमजी अस्पताल में हुई थी, जबकि 14 मरीजों की पुष्टि अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों में हुई है। अब तक कुल मरीजों की संख्या 27 हो चुकी है। डेंगू की चपेट में आए 17 मरीज अलग-अलग अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 10 मरीजों का घर पर ही इलाज चल रहा है।
पिछली साल जिले में सिर्फ 15 मरीज मिले थे। संक्रामक रोग नियंत्रण अधिकारी (डीएसओ) डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि जहां संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है, उन क्षेत्रों में सर्वे कराने के साथ ही छिड़काव कराया जा रहा है। डीएसओ ने बताया कि शनिवार को मिले मरीजों में तीन अन्य जिलों के हैं। गाजियाबाद के 14 मरीज हैं, सभी हिंडन पार क्षेत्र के वसुंधरा, वैशाली व इंदिरापुरम क्षेत्र के हैं।
बढ़ने लगे मरीज, नहीं है इलाज की व्यवस्था
जिले में अचानक एक साथ डेंगू के मरीज मिलने से विभाग से जुड़े अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए हैं। शनिवार को ही जिले के नोडल अधिकारी डॉ. सेंथिल पांडियन सी ने संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश जारी किए थे।
जिले में सिर्फ एक केंद्र पर है जांच की व्यवस्था
डेंगू की जांच सिर्फ एमएमजी अस्पताल परिसर में राजकीय पैथोलॉजी लैब में ही होती है, जबकि मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी और डासना में लिए गए सैंपल जांच के लिए आईडीएसपी सेंटर पर ही भेजे जाते हैं। इससे संक्रमितों को दो दिन बाद ही रिपोर्ट मिल पाती है। इससे सीएचसी व पीएचसी पर लोग जांच कराने के बजाए प्राइवेट पैथोलॉजी लैब में करा रहे हैं।
सरकारी ब्लड बैंक में नहीं मिल पाते प्लेटलेट्स
एक मात्र सरकारी ब्लड बैंक एमएमजी अस्पताल में है। वहां पर भी प्लेट्लेट्स की जरूरत पड़ने पर सिर्फ छोटा पैक (60एमएल) ही मिल पाता है। जबकि किसी भी डेंगू संक्रमित मरीज को जंबो पैक(300 एमएल) की जरूरत पड़ती है। इसके लिए प्राइवेट ब्लड बैंक संचालक 13 हजार रुपये से 15 हजार रुपये तक वसूलते हैं, जंबो पैक लेने के लिए मरीज के मिलते हुए ब्लड ग्रुप वाले डोनर को ब्लड भी दान करना पड़ता है।
मरीज के क्षेत्र में पड़ोसियों की भी होगी जांच
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि जिले में मलेरिया और डेंगू की रोकथाम और उपचार के लिए जिले के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को मलेरिया और डेंगू का कोई भी केस आने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी मामला सामने आएगा, उसमें परिजन, पड़ोसी और संपर्क वालों की जांच की जाएगी। इसके लिए अलग से टीमों का गठन भी किया गया है। इसमें दो डॉक्टर शामिल किए गए हैं। मलेरिया और डेंगू का मामला सामने आने पर टीम मौके पर जाएगी और मरीज को दवा देने के साथ ही सर्वे भी करेगी।
पांच साल में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले
वर्ष - डेंगू - चिकनगुनिया - मलेरिया 2021 - 27 - 00 - 06
2020 - 15 - 00 - 13
2019 - 88 - 00 - 142
2018 - 68 - 00 - 150
2017 - 232 - 00 - 293
2016 - 621 - 1024 - 128