गाजियाबाद में करंट से मां-बेटी समेत पांच लोगों की मौत के मामले में मृतक लक्ष्मी नारायण के पिता बद्रीनारायण ने सिहानी गेट थाने में तहरीर दी। दादरी निवासी दुकानदार सुशील कुमार के खिलाफ तीन दिन बाद लापरवाही का केस दर्ज हुआ है।
मृतक के पिता का कहना है कि जानकारी होने के बावजूद दुकानदार ने न तो कोई बचाव किया और न ही बिजली निगम को कोई सूचना दी। उसी की लापरवाही से पांच लोग मौत की नींद सो गए।
बता दें कि गाजियाबाद में परचून की दुकान के टिन शेड में उतरे करंट की चपेट में आकर मां-बेटी समेत पांच लोगों की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा बुधवार सुबह साढ़े 9 बजे सिहानी गेट के राकेश मार्ग पर हुआ था। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई थी। हादसे के बाद दुकानदार दुकान बंद कर वहां से भाग गया।
वहीं, घटना के दोषियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मुआवजे व बच्चों का पोस्टमार्टम न कराने की मांग को लेकर लोगों ने जीटी रोड जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर लोग सड़क से हटे।
गौतमबुद्धनगर के दादरी निवासी सुशील कुमार राकेश मार्ग पर गली नंबर तीन के सामने परचून की दुकान चलाता है। सुबह साढ़े 9 बजे पास में ही रहने वाले रायबरेली निवासी विनोद की 11 वर्षीय बेटी सिमरन पड़ोसी राजकुमार की 4 वर्षीय बेटी सुरभि को गोद में लेकर दुकान से सामान खरीदने पहुंची। इस दौरान हल्की बारिश हो रही थी।
दुकान के बाहर टिन शेड का पाइप पकड़ते ही सिमरन व सुरभि करंट की चपेट में आ गईं। पास में ही घर के बाहर खड़ा बिहार निवासी लक्ष्मी नारायण (24) दोनों बच्चियों को बचाने के लिए दौड़ा तो वह भी हादसे का शिकार हो गया।
चीख-पुकार सुनकर सुरभि की मां जानकी उर्फ सीता (35) मदद के लिए दौड़ी। वह भी करंट की चपेट में आ गईं। पड़ोस में ही रहने वाले बिहार निवासी सब्जी विक्रेता अखिलेश प्रसाद की 10 वर्षीय बेटी खुशी भी घटनास्थल के पास ही मौजूद थी। जलभराव में उतरे करंट ने उसे भी अपनी चपेट में ले लिया।