गाजियाबाद। कई सरकारी नौकरियों की परीक्षा देने के बाद भी सफल नहीं होने पर युवक ने अपनी पहचान ही बदल दी। उम्र करीब छह साल कम कर नए नाम से दोबारा पीईटी परीक्षा देने पहुंचा, लेकिन बायोमेट्रिक मिलान न होने पर पकड़ा गया। पहले उसे सॉल्वर समझा गया, बाद में पूछताछ में पूरी साजिश सामने आई। एसीपी मोदीनगर सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि आरोपी रजनीश शर्मा हाथरस के मुरसान का रहने वाला है। वह निवाड़ी के लीलावती रामगोपाल सरस्वती विद्या मंदिर में दूसरी पाली में पवन शर्मा के नाम से परीक्षा देने पहुंचा था।
पहचान बदलकर दोबारा की 10वीं-12वीं
पूछताछ में पता चला कि रजनीश की वास्तविक जन्मतिथि 27 जुलाई 1989 है। वह पहले कई परीक्षाएं दे चुका है, लेकिन पास नहीं हुआ। इसके बाद उसने पवन शर्मा के नाम से नई पहचान तैयार की और जन्मतिथि 15 जनवरी 1995 दर्ज की। नए नाम से उसने दोबारा 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास की और पीईटी के लिए आवेदन किया। एसीपी ने बताया कि लखनऊ में पहचान का मिलान होने पर उसकी पोल खुल गई। निवाड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
27,911 ने दी परीक्षा
जनपद में 44 केंद्रों पर दो पालियों में पीईटी हुई। पहली पाली में 20,304 पंजीकृत में से 13,844 उपस्थित रहे। दूसरी पाली में 20,304 में से 14,067 ने परीक्षा दी। यह परीक्षा 30 अक्तूबर और एक नवंबर को भी होगी।
नोडल अधिकारी और एडीएम सिटी विकास कश्यप ने बताया कि दोनों दिन की परीक्षा के लिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा। परीक्षा के दौरान सामने आई कमियों को लेकर कंपनी के बारे में शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा और अभ्यर्थियों के बारे में रेलवे को पहले ही जानकारी दी गई थी। स्टेशन पर दिखी व्यवस्थागत कमियों के बारे में शासन को अवगत कराया जाएगा। कुछ केंद्रों पर कंपनी की लापरवाही भी सामने आई है, इसकी भी पूरी रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।