घर जाने की जल्दी कहे या फिर तेज रफ्तार की टशन। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हर घंटे 35 वाहन ट्रैफिक नियम तोड़ रहे हैं। इनमें 30 से 35 लोग विपरीत दिशा में वाहन चलाकर हादसों को न्यौता दे रहे हैं। रोजाना ट्रैफिक नियमों को तोड़कर एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भर रहे 850 वाहनों की फुटेज एनएचएआई की ओर से ट्रैफिक पुलिस को भेजी जा रही हैं, लेकिन चालान एक भी वाहन का नहीं किया जा रहा। वाहनों की तेज रफ्तार कोहरे के सीजन में जानलेवा हो सकती है।
गाजियाबाद से मेरठ के बीच एक्सप्रेसवे पर रोजाना करीब 20 हजार वाहनों का आवागमन होता है। दीपावली के इस त्योहारी सीजन में इनकी संख्या 30 हजार तक पहुंच गई। डासना से मेरठ तक इस एक्सप्रेसवे के 32 किमी के हिस्से पर कोई लूप नहीं है। इस कारण डासना से मेरठ की ओर आते ही चालक वाहनों की रफ्तार बढ़ाकर फर्राटा भरने लगते हैं। इस एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों की अधिकतम स्पीड लिमिट 100 किमी की निर्धारित है, लेकिन डासना से मेरठ तक करीब 32 किमी लंबे एक्सप्रेसवे पर 150 किमी की रफ्तार से वाहन दौड़ रहे हैं। एक्सप्रेसवे की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के जरिये वाहनों पर भी नजर रखी जा रही है।
छह माह में जा चुकी हैं 26 जान
एक्सप्रेसवे पर छह माह में 20 से ज्यादा बड़े हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में 26 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इस एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा हादसे उल्टी दिशा में और ज्यादा रफ्तार पर वाहन दौड़ाने की वजह से हुए हैं। करीब दो माह पहले विपरीत दिशा में दौड़ रहे एक मिनी ट्रक ने कार में टक्कर मार दी थी। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी।
मार्शल की तैनाती से भी विपरीत दिशा में नहीं रुके वाहन
हादसों के बाद एनएचएआई ने एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर मार्शल तैनात किए हैं। इनकी जिम्मेदारी विपरीत दिशा में जाने वाले वाहनों को रोकना है, लेकिन इनकी तैनाती से भी गलत दिशा में दौड़ने वाले वाहनों की संख्या में कमी नहीं आई हैं। रोजाना करीब 35 वाहन विपरीत दिशा में दौड़ रहे हैं और इनकी फुटेज सीसीटीवी में कैद है।
एक्सप्रेसवे पर अवैध पार्किंग बन सकती है हादसे की वजह
एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अवैध पार्किंग भी बड़े हादसे की वजह से बन सकती है। चालक वाहनों को सड़क के किनारे ही खड़ा कर देते हैं। धुंध में ऐसे वाहन बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। वहीं, एक्सप्रेसवे पर अनुमति न होने के बावजूद दोपहिया वाहन भी दौड़ रहे हैं। कारों और दुपहिया वाहनों की स्पीड में बड़ा अंतर रहता है। ओवर स्पीड वाहनों के आगे अचानक बाइक आने पर स्पीड को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जब बाइक और बडे़ वाहनों की भिड़ंत होते-होते बची है।
नियम का उल्लंघन जुर्माना
ओवर स्पीड 2000 रुपये तक
रांग साइड 2000 रुपये तक
खतरनाक ड्राइविंग 5000 रुपये तक और एक साल तक की कैद
शराब पीकर वाहन चलाना 10 हजार रुपये तक और 6 माह की कैद
मैनुअल काटे जा रहे चालान
फुटेज के आधार पर वाहनों के चालान काटने में आ रहीं तकनीकी दिक्कतें अभी दूर नहीं हो पाई हैं। इस कारण ऑनलाइन चालान काटने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। एक्सप्रेसवे पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। यह स्टाफ उल्टी दिशा में चलने वाले वाहनों के चालान मैनुअल कर रहे हैं।
- रामानंद कुशवाहा, एसपी ट्रैफिक