एसपी सिटी का कहना है कि रविवार को संदीप ने शराब पीने के बाद योजनाबद्ध तरीके से प्रमोद को अपने कमरे पर बुलाया। कहा कि रोज-रोज के विवाद को खत्म करते हैं। प्रमोद शराब नहीं पीता था, लेकिन संदीप के दबाव डालने पर उसने शराब पी ली। नशा होने पर प्रमोद कमरे में लेट गया, जिसके बाद संदीप ने चाकू से उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी। शव को कमरे में छोड़कर संदीप ने सिर करीब 500 मीटर दूर कूड़े के ढेर में छुपा दिया।
संदीप का व्यवहार देख मृतक की पत्नी को हुआ शक....
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद संदीप कमरे का ताला बंद करके आसपास ही घूमता रहा और वह सोमवार को कंपनी जाने के बजाए कमरे के आसपास घूमता रहा। वहीं, रविवार शाम से प्रमोद का फोन न उठने पर पत्नी मीरा सोमवार को गाजियाबाद पहुंची। पति को कमरे पर न पाकर उसने संदीप से पूछा तो वह सकपका गया। संदीप का व्यवहार देखकर मीरा को उस पर शक हो गया।
कमरे में लाश देख परिजनों ने दबोच लिया आरोपी.....
संदीप मीरा और अन्य परिजनों को अपने कमरे पर तो ले गया, लेकिन ताला नहीं खोला और उन्हें चकमा देकर वहां से चला गया। इसके बाद परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा तो कमरे में फर्श पर प्रमोद का चादर ढका शव दिखा। कुछ देर बाद संदीप फिर से अपने कमरे पर आ गया। जिसके बाद परिजनों ने उसे दबोचकर पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सिर के बारे में पूछा तो उसने कूड़े के ढेर से उसे बरामद करा दिया।
लाश के टुकड़े करके सुबूत मिटाने की थी योजना......
प्रमोद की हत्या करने के बाद उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए भी संदीप ने प्लान बना लिया था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह मौका मिलते ही शव के टुकड़े-टुकड़े करके नामोनिशान मिटाने के लिए उसे ठिकाने लगा देता। एसपी सिटी का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया है।