पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि ठगी करने वाले गैंग का सरगना एक अफ्रीकी नागरिक है। दोनों पिता पुत्र फर्जी नाम से खुलवाए गए बैंक खाते को ठगों को कमीशन पर उपलब्ध करवाया था। आरोपियों का अपने हिस्से के पैसे को लेकर अफ्रीकी नागरिक से विवाद हो गया। उसके बाद अगस्त में विदेशी नागरिक फरीदपुर पहुंचा। जहां खाता धारक रुकसार मंसूरी से उसका विवाद हो गया।
विदेशी नागरिक बरेली के फरीदपुर थाना पहुंचा और रुकसार के साथ कारोबार को लेकर विवाद की शिकायत पुलिस से की। लेकिन पूछताछ के दौरान विदेशी नागरकि कारोबार के बारे में कुछ भी नहीं बता पाया। पुलिस ने विदेशी नागरिक और रुकसार को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद कानपुर की कंपनी के खाते से पैसे निकासी में शामिल होने का खुलासा हुआ। उसके बाद से आरोपी पिता पुत्र वहां से फरार हो गए थे।
फर्जी कागजात के जरिए करते थे ठगी
आरोपी बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बनाता था। उसके बाद कंपनियों और व्यक्तियों के नाम पर नकली चालू खाता खुलवाते थे। फिर कंपनी के बैंक खाते से राशि ट्रांसफर करने के लिए बैंक को मेल और जाली पत्र भेजते थे। राशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करते थे और एटीएम के जरिए पैसे निकाल लेते थे। अफ्रीकी नागरिक कानपुर की कंपनी के खाते से 80 लाख रुपये निकालने के बाद उसे आरोपी पिता पुत्र सहित अन्य फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। कंपनी को खाते से पैसे निकालने जाने का पता चला तब उसने कानपुर के स्वरूप नगर थाने में इसकी शिकायत की।