फ्लैक्स लगाकर बना दिए अस्थायी रैन बसेरे, आंधी-बारिश आई तो उड़ जाएंगे
बुलंदशहर। शीतलहर से असहाय लोगों को बचाने के लिए बनाए गए रैन बसेरे फ्लैक्स और पुराने होर्डिंग लगाकर बना दिए गए। यहां अलाव का भी इंतजाम नहीं किया गया, हवा भी अंदर प्रवेश कर रही है। यह रैन बसेरे न तो ठंड से बचाने में सक्षम हैं और न बारिश से। अगर आंधी आ गई तो उड़ ही जाएंगे।
जिले में सर्दी लगातार बढ़ रही है। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसी स्थिति में रात के समय खुले आसमान के नीचे रहने वाले लोगों को राहत देने के लिए पालिका ने कालाआम चौराहा, स्याना बस अड्डा, भूड़ चौराहा और रोडवेज बस अड्डे पर अस्थाई रैन बसेरे बनाए हैं। रैन बसेरे की पड़ताल की तो उसमें हवा रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले। बारिश रोकने के लिए लगाई गई तिरपाल का साइज भी छोटा मिला। इसके अलावा रैन बसेरे के अंदर पुरानी फ्लैक्स लगी मिलीं। लोगों का कहना है कि खुले में सोना और अस्थाई रैन बसेरे में सोना एक सामान ही है।
बारिश में अंदर प्रवेश करेगा पानी
बारिश हुई तो अस्थाई रैन बसेरे में रुकना मुश्किल होगा। लोग मांग कर रहे हैं कि रैन बसेरों को सजावटी न बनाकर इस तरह से बनाएं जिससे सर्दी रोकने का इंतजाम हो सके।
दो लाख का बजट करेंगे खर्च
नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि शहर के चार रैन बसेरों में लगभग दो लाख रुपये का बजट खर्च कर सकते हैं। इसमें अलाव, पानी और सोने की व्यवस्था होगी। सैनिटाइजर और मास्क की व्यवस्था लोगों को खुद करना होगा।
पुराने रजाई गद्दों से चला रहे काम
शहर में बने चारों अस्थाई रैन बसेरों में अभी पुराने रजाई गद्दे और फोल्डिंग से ही काम चल रहा है। विभाग का कहना है कि जरूरत पड़ने पर पैसा खर्च किया जाएगा। अभी इसी से काम चलाया जाएगा। जरूरत पर किराए के रजाई गद्दे मंगाए जाएंगे।
चार स्थानों पर अस्थाई रैन बसेरे बनाए गए हैं। बारिश रोकने के लिए तिरपाल लगाई गई है। चार में से दो स्थानों पर अलाव जलाया जाता है। अगर आंधी-बारिश का असर तेज मिलता है तो प्रीत विहार में स्थाई रैन बसेरे पर सुविधा दी जाएगी। पुरानी फ्लैक्स हवा कम करने के लिए लगाए गए हैं।
- मनोज रस्तोगी, पालिका ईओ
रैन बसेरे मानकों के अनुसार बनाए जाते है। कोविड नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। रैन बसेरों का निरीक्षण करने के दौरान व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलीं। अगर कोई खामी है तो उसे ठीक करा दिया जाएगा। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन