शिक्षा और नौकरी का समन्वय बनाने के लिए रोजगार परक शैक्षिक प्रणाली जरूरी है। पॉलिटेक्निक के तकनीकी पाठ्यक्रमों का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और डाटा साइंस जल्द हिस्सा बनेंगे। स्तरीय लैब और सुविधाएं बढ़ने से शोध कार्यों में इजाफा होगा। शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से तकनीकी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया लगातार जारी हैं।
जल्द ही नॉन टेक्निकल पाठ्यक्रमों में शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। यह बात शास्त्रीनगर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक में शैक्षणिक संवाद और प्रशस्ति पत्र वितरण समारोह में पहुंचे यूपी प्राविधिक शिक्षा कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद ने कही।
कार्यक्रम में विभिन्न ब्रांच के मेधावी छात्र-छात्राओं के साथ अच्छे पैकेज पर प्लेसमेंट पाने वाली चार छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कैबिनेट मंत्री जतिन प्रसाद ने विद्यार्थियों को तीन सी क्युरिओेसिटी, क्रिएटिविटी और कमिटमेंट (जिज्ञासा, रचनात्मकता और प्रतिज्ञा) को जीवन में अपनाने का मंत्र दिया।
उन्होंने कहा कि छात्र शक्ति को दिशा, शिक्षा और रोजगार के अवसर मुहैया कराने की जरूरत है। सरकार इसी दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। विद्यार्थियों की ऑनलाइन कक्षाएं लेने की समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने उन्हें टैबलेट देने का निर्णय लिया है। उन्होंने विद्यार्थियों की विज्ञान प्रदर्शनी में लगाए गए मॉडल की खूब सराहना करते हुए संवाद कार्यक्रम में छात्रा हिमांशी, सचिन चौरसिया, आयुष कुमार ओझा और ऋषभ की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि श्रम कल्याण परिषद अध्यक्ष राज्यमंत्री सुनील भारद्वाज भराला, प्राविधिक शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष बलदेवराज शर्मा, संयुक्त निदेशक प्राविधिक शिक्षा जेएल वर्मा और प्रिंसिपल जानबेग लोनी ने अपने विचार रखे। समारोह के आखिर में संस्था की वार्षिक पत्रिका स्मारिका का विमोचन करने के साथ कैबिनेट मंत्री ने पौधरोपण किया। आखिर में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के विधानसभा चुनाव में 40 फीसदी महिलाओं को टिकट देने के बयान पर जितिन प्रसाद ने कहा कि कहने से कुछ नहीं होता। धरातल पर भी होना चाहिए।