एसीपी शालीमार गार्डन सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर शुक्रवार दोपहर को मकान द्वितीय तल पर टीम ने छापा मारा। फ्लैट में हड़कंप मच गया। पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर संचालिका समेत छह महिला और पांच व्यक्ति को हिरासत में लिया। पांचों व्यक्ति लोनी, विजयनगर, नंदनगरी दिल्ली, फिरोजाबाद व शालीमार गार्डन के निकले दिल्ली की तीन और गाजियाबाद की दो महिलाओं ने बताया कि उनको नौकरी के नाम पर बुलाया गया था। वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर देह व्यापार कराया जा रहा था।
यह पकड़े गये आरोपी
1. प्रवीन पुत्र सूबे सिंह निवासी सिरौली थाना लोनी गाजियाबाद। उम्र- 32 वर्ष
2. मनोज कुमार पुत्र खूबी राम निवासी विजयनगर, गाजियाबाद। उम्र- 32 वर्ष
3. नकुल पुत्र राजकुमार निवासी नंदनगरी दिल्ली। उम्र- 28
4. प्रदुम्न यादव पुत्र जितेंद्र सिंह किलोखरी महारानी बाग दिल्ली, मूल निवासी फिरोजाबाद। उम्र- 24 वर्ष
5. लोकेश पुत्र मुनेश कुमार निवासी नंदनगरी दिल्ली। उम्र-33 वर्ष
6. नेहा पुत्री रमनकिशोर पत्नी उदयवीर ववासी संडे मार्केट शालीमार गार्डन, गाजियाबाद। उम्र-40 वर्ष
मोबाइल पर दिखाई जाती थीं लड़कियां
एसीपी ने बताया कि परिचित ग्राहकों को मोबाइल पर फोटो भेजकर लड़कियां दिखाई जाती थीं। अधिकांश सौदे फ्लैट में पहुंचकर होते थे। प्रति ग्राहक एक हजार रुपये लिये जाते थे। इसमें से 500 रुपये महिला को दिये जाना सामने आया है। देह व्यापार के लिये फ्लैट के दो कमरों के अलावा रसोई का भी उपयोग किया जाता। वहीं संचालिका नेहा ने 12 हजार रुपये में फ्लैट किराये पर लिया हुआ है।
पांच माह से पुलिस को नहीं लगी भनक
शालीमार गार्डन थाना पुलिस की नाक के नीचे लंबे समय से देह व्यापार चल रहा था। पांच माह से किराये के मकान में काम किया जा रहा था। स्थानीय लोगों ने पुलिस से शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने अनसुना कर दिया था। अब आला अधिकारियों के पास मामला पहुंचने पर कार्रवाई हुई। वहीं एसीपी ने 31 दिसंबर को भी शालीमार गार्डन क्षत्र में दो जगह देह व्यापार का भंडाफोड़ किया था। मौके से 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया और थाना व सभी चौकी प्रभारियों को अल्टीमेटम दिया था। फिर भी थाना व चौकी पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है।
पहले भी इलाके में हो चुकी है छापेमारी
वहीं एसीपी ने 31 दिसंबर को भी शालीमार गार्डन क्षत्र में दो जगह देह व्यापार का भंडाफोड़ किया था। मौके से 22 लोगों को गिरफ्तार किया था। सभी चौकी प्रभारियों को अल्टीमेटम दिया था। फिर भी थाना व चौकी पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है।