मोहल्ला जाटवान निवासी और मृतक के रिश्तेदार राजू ने बताया कि वृद्ध राजुमति पुत्र मुंशीमति काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। बीमारी के चलते बृहस्पतिवार को घर पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद मोहल्ला में मातम पसर गया। घर पर लोग जमा हो गए और रिश्तेदार भी आने लगे।
राजुमति का बेटा रविमति गुरुग्राम में चालक की नौकरी करता है। वहीं पर उसका परिवार भी रहता है। पिता की मौत के बाद रविमति और उसका 16 वर्षीय बेटा आयुष स्कूटी से जहांगीरपुर आ रहे थे। पलवल के पास हाइवे पर तेज रफ्तार कैंटर ने स्कूटी में टक्कर मार दी। इसमें आयुष की मौत हो गई और रवि घायल हो गया।
पिता का कंधे देने आ रहा बेटा साथ में अपने बेटे की मौत की सूचना लेकर घर पहुंचा। शाम को पलवल से पोस्टमार्टम के बाद आयुष का शव भी घर आ गया। इसके बाद एक साथ बाबा और पोते की मौत से परिवार गहरे सदमा में है। इसाई धर्म के अनुसार दोनों के शवों को दफनाया गया।