पहली, दूसरी, और तीसरी मंजिल पर टीचिंग ब्लॉक। चौथी और पांचवीं मंजिल पर सर्जरी, हड्डी रोग और यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी है।
मरीजों की जांच रिपोर्ट और ब्लड सैंपल नष्ट
इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, हालांकि बड़ी संख्या में मरीजों की जांच रिपोर्ट और जुड़े रिकॉर्ड तथा ब्लड सैंपल नष्ट हो गए। ओपीडी में रखे कंप्यूटर और मरीजों से जुड़े कागजात भी जल गए। अगले कुछ दिन तक संस्थान में मरीजों को रक्त जांच से जुड़ी परेशानी हो सकती है। वहीं, लाखों मरीजों के इलाज से जुड़ी जानकारियों के अलावा शोध व प्रशासनिक दस्तावेज भी नष्ट हो गए।
पास ही भर्ती हैं पूर्व वित्त मंत्री जेटली
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली भी सांस लेने में तकलीफ के बाद नौ दिन से एम्स में भर्ती हैं। जिस ब्लॉक में आग लगी उससे ठीक 200 मीटर दूर स्थित कार्डिएक न्यूरो सेंटर में उनका इलाज चल रहा है। एम्स प्रबंधन के अनुसार, कार्डिएक न्यूरो सेंटर तक किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।