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Faridabad: डीयू के दो अन्य प्रोफेसरों से भी की थी ठगी, कुलपति बनाने के नाम पर उनसे भी ऐंठे थे 90 लाख

Thu, 08 Sep 2022 07:54 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद

सार

आरोपी की सत्यवती कॉलेज की प्रिंसिपल मंजुला दास से काफी समय से जान-पहचान थी। आरोपी ने उन्हें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में वायस चांसलर (वीसी) बनाने का झांसा दिया था। इसके एवज में आरोपी ने उनसे भी साल-2019 में करीब 40 लाख रुपये की ठगी की थी लेकिन वीसी नहीं बनवाया।
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एसटीएफ बहादुरगढ़ की हिरासत में आरोपी नरेंद्र चौधरी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी- फाइल फोटो
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विस्तार
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कुलपति बनाने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को सेक्टर-31 थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को बहादुरगढ़ की पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के बाद फरीदाबाद पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी पानीपत निवासी नरेंद्र चौधरी से पूछताछ की जा रही है।

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आरोपी पहले भी दिल्ली विश्वविद्यालय के दो और प्रोफेसर को कुलपति बनाने का झांसा देकर 90 लाख रुपये ठग चुका है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है।

सेक्टर-29 निवासी तरुण कुमार गर्ग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह दिल्ली के अशोक विहार स्थित सत्यवती कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। कॉलेज की प्रिंसिपल मंजुला दास ने उनकी मुलाकात आरोपी नरेंद्र चौधरी से कराई थी और बताया था कि आरोपी राजनीतिक पार्टी के रसूखदार नेता हैं। इसके बाद जान-पहचान बढ़ने पर आरोपी उनके घर आने लगा। इस दौरान उसने कहा कि 50 लाख रुपये दें तो उन्हें उत्तराखंड के गढ़वाल स्थित श्रीनगर विश्वविद्यालय का कुलपति बनवा देगा।
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शिकायत के अनुसार, आरोपी ने पीड़ित से किस्त में करीब 37 लाख रुपये ऐंठ लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने सोमवार को सेक्टर-31 थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। हालांकि मंगलवार शाम आरोपी को बहादुरगढ़ की पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार कर फरीदाबाद पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस उसे दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। 

कइयों को ठग चुका है नरेंद्र चौधरी 

फरीदाबाद पुलिस के अनुसार आरोपी की सत्यवती कॉलेज की प्रिंसिपल मंजुला दास से काफी समय से जान-पहचान थी। आरोपी ने उन्हें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में वायस चांसलर (वीसी) बनाने का झांसा दिया था। इसके एवज में आरोपी ने उनसे भी साल-2019 में करीब 40 लाख रुपये की ठगी की थी लेकिन वीसी नहीं बनवाया। इसके अलावा कानपुर निवासी राकेश से जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय में वीसी बनवाने का झांसा देकर साल-2020 में 50 लाख रुपये की ठगी की थी।

सेक्टर-12 में रह रहे कपिल चौधरी से भी नौ लाख रुपये की ठगी की थी। उन्हें फरीदाबाद स्थित पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एडीए के पद पर तबादला या नियुक्त कराने का झांसा दिया था। भिवानी निवासी भूरा सिंह फौज को गर्वनर हाउस हरियाणा में नौकरी, कुरुक्षेत्र निवासी जसबीर को एक बैंक से एक करोड़ रुपये लोन दिलाने, रविंदर रजावार से असम सरकार में नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर चुका है।

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