35वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। मेला क्षेत्र की ड्रोन से मैपिंग करवाई जा रही है और इस स्थल को 18 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया जाएगा। इस बार मेले में लोग दिल्ली के छोले भटूरे व कई अन्य स्वदेशी खानपान का मजा ले सकेंगे।
कोरोना महामारी में दो साल बाद 35वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला 19 मार्च से 4 अप्रैल तक आयोजित जाएगा। मेले को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस बार मेले में पिछली बार की तरह 1100 स्टॉल ही रखे गए हैं। मेले का स्टेट पार्टनर जम्मू-कश्मीर रहेगा और कंट्री पार्टनर उज्बेकिस्तान है। वहीं मेले में इस बार 35 देश हिस्सा लेंगे और 30 देशों की तरफ से अपने आने की अनुमति भी भेज दी गई है। वहीं, चौपालों पर 17 देशों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक देखने को मिलेगी।
पेटीएम से करा सकेंगे बुकिंग
मेले में कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए पेटीएम का सहयोग लिया गया है। लोग पेटीएम के सहयोग से टिकटों की बुकिंग करा सकेंगे। पर्यटकों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए पार्किंग पास के साथ ही मेले की टिकट की बुकिंग की जाएगी।
यह होंगी टिकट की दरें
मेले की टिकट आम दिनों में 120 रुपये और शनिवार व रविवार को 180 रुपये रखी गई है। राजकीय स्कूल के बच्चों के लिए मेले में निशुल्क प्रवेश रहेगा। इसके साथ ही दिव्यांगों को 50 फीसदी की छूट दी जाएगी।
कई व्यवस्थाओं के लिए बनेगा एप
सूरजकुंड मेला प्राधिकरण के नोडल अधिकारी राजेश जून ने बताया कि मेले में प्रतिदिन कितने पर्यटक आएंगे, पार्किंग में कितने वाहन हैं, टिकट बुकिंग व अन्य व्यवस्थाओं के लिए एक एप भी विकसित किया जा रहा है। इससे पर्यटकों को काफी सहायता मिलेगी।