फरीदाबाद। कोरोना की दूसरी लहर आने पर लॉकडाउन की घोषणा कर दी। इस दौरान जेल में बंद बंदी व कैदियों को भी जेल से बाहर आने का मौका मिला। इस सबका एक पहलू यह भी निकला कि अपराध के ग्राफ में इजाफा हो गया। काम धंधे बंद हो जाने व नौकरियों पर संकट आ जाने के कारण लोगों ने अपराध का रास्ता अपना लिया। हालत ये हैं कि मात्र एक महीने के अंदर लूट व झपटमारी की दर्जन भर से ज्यादा वारदात हो चुकी हैं।
कुछ मामलों को सुलझाने में पुलिस कामयाब भी रही है पकडे़ गए आरोपियों से पूछताछ में यही बात सामने आ रही है कि लॉकडाउन के कारण उनका काम धंधा छूट गया था। घर चलाने के लिए उन्होंने अपराध शुरू कर दिया। कुछ आरोपी ऐसे भी हैं जो लॉक डाउन में पेरोल मिलने के कारण जेल स बाहर आए और वारदात करने लगे। पुलिस लगातार मामलों को सुलझाने में जुटी है। पिछले एक महीने में जिले में करीब 15 लूट व झपटमारी की वारदात दर्ज हुई हैं। 26 जुलाई रात करीब सवा नो बजे बल्लभगढ़ में बाइक सवार पांच बदमाशों ने कोल्ड ड्रिंक विक्रेता को चाकू मारकर उससे 50 हजार लूट लिए। 5 अगस्त को थाना सराय ख्वाजा इलाके में तीन बदमाशों ने गन पाइंट पर पान मसाला बेचने वाले सेल्समैन से करीब 50 हजार रुपये व सामान व स्कूटी लूट ली।
11 अगस्त को पाली क्रशर जोन में पांच बदमाशों ने दो मुंशियों को बंधक बनाकर उनसे एक लाख 27 लाख रुपये और चार मोबाइल लूट लिए। 12 अगस्त को चार बदमाशों ने हथियार के बल पर पल्ला थाना इलाके के सूर्या विहार स्थित शराब ठेके से के दो सेल्समैन से 21 हजार 280 रुपये लूट लिए। 13 अगस्त को सीकरी गांव में मनी ट्रांसफर के दुकानदार से मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने पिस्टल के बल पर 3 लाख 28 हजार रुपयों से भरा बैग लूट लिया। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह का कहना है कि ज्यादातर मामलों में पुलिस ने आरोपियों को काबू कर लिया है। जल्द ही बाकी मामले भी सुलझाए जाएंगे।