फरीदाबाद। खोरी गांव में तोड़फोड़ कार्रवाई के साथ वन विभाग ने अभी तक 130 फार्म हाउसों को नोटिस जारी कर चुका है। चार दिन में उन्हें खुद अवैध निर्माण को गिराना होगा। इसके बाद प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी। वहीं वन विभाग अवैध कब्जा धारकों को अभी पूरी से तरह नोटिस जारी नहीं कर पाया है। ऐसे में चार सप्ताह में तोड़फोड़ कर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई कैसे संभव होगी। इस पर संशय बरकरार है।
हालांकि एक बार फिर वन विभाग के अधिकारियों ने दावा कि वह तय समय में कार्रवाई को अंजाम देंगे। सोमवार तक 130 फार्म हाउसों सहित शिक्षण संस्थान और सोसाइटी के बिल्डर और होटल संचालकों को नोटिस जारी किए गए। कुछ फार्म हाउस संचालकों ने स्वयं से कब्जे हटाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के सुनवाई के बाद प्रशासन आगे की रणनीति तैयार करेगा।
गांव खोरी में चल रही तोड़फोड़ कार्रवाई के बीच 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अरावली में बने सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फार्म हाउस संचालकों की सांसे फूलने लगी है। वहीं अरावली वन क्षेत्र में बने नामचीन शिक्षण संस्थान, होटल, कॉलोनी और सोसाइटी पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
अधिकारियों के अनुसार फरीदाबाद जिले में पंजाब लैंड प्रिवेंशन एक्ट-1900 (पीएलपीए) के तहत लगभग 5430 हेक्टेयर जमीन चिन्हित है। इसमें से 500 हेक्टेयर जमीन पर अतिक्रमण है। इस जमीन पर 130 से 140 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। इस मामले में वन विभाग नोडल विभाग है। अधिकारियों ने दावा किया था कि नोटिस देने के चार से पांच दिन बाद अरावली में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। लेकिन अभी तक नोटिस ही जारी कर रहा है। ड्रोन सर्वे भी शुरू नहीं किया गया। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को खोरी वासियों के पुनर्वास और फार्म हाउस को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। सुनवाई के बाद तोड़फोड़ की स्थिति साफ होगी।
नेता, मंत्री और अधिकारियों के हैं फार्म हाउस
वन विभाग अधिकारी के अनुसार अरावली वन क्षेत्र में सबसे अधिक नेताओं, मंत्री और उच्च अधिकारियों के फार्म हाउस बने है। इन्होंने धीरे-धीरे कब्जा किया। फिर बड़े-बड़े फार्म हाउस बना लिए। हालांकि बीच-बीच में वन विभाग यहां तोड़फोड़ कार्रवाई करता है लेकिन वह केवल खानापूर्ति तक सीमित रहती है।
वर्जन
वन विभाग की ओर से अवैध फार्म हाउस, शिक्षण संस्थान, होटल और सोसाइटी और कॉलोनी वासियों को नोटिस दिए जा रहे है। सोमवार तक करीब 130 संस्थानों को नोटिस दिए गए। जल्द तोड़फोड़ कार्रवाई शुरू की जाएगी। - राजकुमार, जिला वन अधिकारी