फरीदाबाद। जिम ट्रेनर गोल्डी और महिला अध्यापक मयंका के दोहरे हत्याकांड के चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। एसीपी मुख्यालय आदर्शदीप सिंह ने बताया कि 16 फरवरी को एनआईटी-1 में जिम ट्रेनर और युवती हत्याकांड मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रकाश उर्फ प्रिंस उर्फ पीके, लक्की उर्फ नोनू, भव्य उर्फ मुन्नू व कर्ण को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी पीके से मृतक महिला की दोस्ती टूट गई थी। इसके बाद युवती की जिम ट्रेनर लोकेश से दोस्ती हो गई। इस कारण हत्या आरोपी प्रकाश ने मर्डर की साजिश रची।
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी ने अपने दोस्त लक्की और भव्य को भी शामिल किया। चौथे आरोपी मेरठ निवासी कर्ण से देसी पिस्टल खरीदी गई थी। प्रकाश कई दिनों से मयंका को सबक सिखाने की फिराक में था। घटना वाले दिन उसने मयंका की स्कूटी का पीछा किया। मयंका ने एक नंबर मार्केट में एंट्री ली। कुछ देर बाद गोल्डी उर्फ लोकेश भी अपनी स्विफ्ट गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचा। मयंका स्कूटी से उतरकर लोकेश की गाड़ी में बैठी। दोनों गाड़ी में ही बैठकर बात कर रहे थे। इसके बाद प्रकाश ने अपने दोस्त भव्य को फोन करके अपने घर पर रखी पिस्टल मौके पर लेकर पहुंचने के लिए कहा। जैसे ही भव्य पिस्टल लेकर पहुंचा प्रकाश गोल्डी की गाड़ी में घुस गया। इस दौरान मयंका को लेकर जिम ट्रेनर गोल्डी से प्रकाश की जमकर बहस हुई।
थोड़ी देर बाद ही प्रकाश ने गोल्डी के सिर और मयंका की छाती में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। लड़की के परिजनों की शिकायत पर थाना कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
उज्जैन में महाकाल से मांगी थी मयंका को मारने की मन्नत
हत्या के मुख्य आरोपी प्रकाश उज्जैन के महाकाल मंदिर में पूजा करने लगा था। उसने मन्नत मांगी थी कि हत्याकांड को अंजाम देने के बाद अगर वह पकड़ा नहीं गया तो दोबारा से मंदिर में दर्शन करने के लिए आएगा। घटना को अंजाम देने के बाद वह सीधा उज्जैन ही जाना चाहता था, लेकिन सीआईए डीएलएफ ने ने उसे दर्शन करने से पहले ही उसे पर्वतीय कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयोग दोनों स्कूटी बरामद की गई है। तीनों एनआईटी-3 के रहने वाले हैं। आरोपी कर्ण मेरठ का रहने वाला है। सोमवार को आरोपियों को अदालत में पेश कर मुख्य आरोपी प्रकाश को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।