संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच केंद्र सरकार की ओर से निर्यातकों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार निर्यात उत्पादों पर शुल्क व कर वापसी योजना (आरओडीटीईपी) की अवधि को अगले पांच साल तक बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस संभावित निर्णय से औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के निर्यातकों में खुशी की लहर है। उद्यमियों का मानना है कि वैश्विक मंदी और लॉजिस्टिक चुनौतियों के बीच यह कदम बेहद फायदेमंद साबित होगा।
वैश्विक संकट में मददगार होगी योजना: बता दें कि फरीदाबाद से भारी मशीनरी, ऑटो कंपोनेंट और गारमेंट्स का बड़े पैमाने पर निर्यात होता है। पिछले कुछ महीनों से युद्ध के कारण उत्पादन की लागत में भारी इजाफा हुआ है। ऐसे में आरओडीटीईपी योजना के विस्तार से निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहने में मदद मिलेगी। साथ ही वैश्विक चुनौती से निपटने में आसानी होगी।
बातचीत
पश्चिम एशिया में अस्थिरता के कारण शिपिंग क और इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ गया है। ऐसे कठिन समय में रओडीटीईपी को 5 साल के लिए बढ़ाना सरकार का एक दूरदर्शी कदम होगा। इससे हमें भविष्य की योजनाएं बनाने और नए ऑर्डर लेने में वित्तीय स्थिरता मिलेगी।- हेमंत शर्मा, उद्यमी
निर्यात उत्पाद पर लगने वाले स्थानीय करों की वापसी हमारे मार्जिन को सुरक्षित रखती है। अगर यह योजना लंबी अवधि के लिए बढ़ती है, तो फरीदाबाद के एमएसएमई सेक्टर को वैश्विक बाजारों में मजबूती मिलेगी।- रामणीक प्रभाकर, उद्यमी
वर्तमान में वैश्विक व्यापार के हालात अनुकूल नहीं हैं। निर्यातकों को लिक्विडिटी की सख्त जरूरत है। आरओडीटीईपी की अवधि बढ़ने से उद्यमियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और हम बिना किसी डर के उत्पादन क्षमता में विस्तार कर सकेंगे। -वेद शर्मा, उद्यमी