नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गर्मी बढ़ने के साथ-साथ शहर में कुत्तों के हमले भी बढ़ने लगे हैं। पिछले करीब 20 दिन से नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 120-150 घायल इलाज और रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं।
शहर में लावारिस कुत्तों के टीकाकरण, नसबंदी और रजिस्ट्रेशन को लेकर नगर निगम तथा पशुपालन विभाग के पास ठोस योजना नजर नहीं आ रही है। इसका परिणाम है कि दिन-प्रतिदिन लावारिस कुत्तों के हमले बढ़ रहे हैं। कई सेक्टरों में लोगों के बीच भय का माहौल है। वहीं कुछ सेक्टरों में लोग घर से निकलते हुए अपने साथ डंडा लेकर चल रहे हैं। दयालबाग आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष जेपी मिश्रा ने बताया कि लावारिस कुत्तों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। आए दिन किसी न किसी को अपना शिकार बना रहे हैं। सबसे ज्यादा बुरे हालात एनआईटी और बल्लभगढ़ में हैं।
30 प्रतिशत बच्चे
बीके अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संध्या ने बताया कि प्रतिदिन अस्पताल में 120-150 लोग इलाज और रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। इनमें 30 फीसदी संख्या बच्चों की है। पिछले तकरीबन 20 दिन से मामले तेजी से बढ़े हैं। कुत्ते के हमले का शिकार होने के बाद कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। कुत्ते के काटने वाली जगह को तुरंत साफ पानी से साफ करना चाहिए। साथ ही छह घंटे के भीतर टिटनेस का टीका लगवाना जरूरी है। लावारिस कुत्ते के मामले में ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत है, तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
गर्मी की वजह से कुत्तों का स्वभाव भी उग्र हो जाता है। वह आक्रामक हो जाते हैं। इन दिनों कुत्तों में चिड़चिड़ापन और बेचैनी के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। छाया और ताजे पानी की कमी से भी कुत्तों के व्यवहार में परिवर्तन आ जाता है। आक्रामक होने के कारण लोगों को काट लेते हैं।
-विकास मलिक, वेटरनरी सर्जन, इंचार्ज एनआईटी