फरीदाबाद। एनआईटी दो क्षेत्र में रेस लगा रहे युवक की कार खड़ी गाड़ी से टकराते हुए कमरे की दीवार को तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। कार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। लोगों ने इधर-उधर भाग कर किसी तरफ अपनी जान बचाई। मामले में पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
रविवार को रोहतक जिले के महम निवासी संदीप (37) और उनके भाई तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली में भूसा भरकर शहर के एनआईटी दो स्थित के ब्लॉक में आए थे। एक ट्रॉली भूसा एल ब्लॉक निवासी डेरी संचालक गुलशन को देना था और दो ट्रलियों में भरे भूसे को गोशाला में पहुंचाना था। एनआटी दो के ब्लॉक में अनाज गोदाम के पास तीनों ट्रैक्टर-ट्रॉली एक स्थान पर खड़े कर संदीप डेरी संचालक गुलशन से बात कर रहे थे। पास में ही गुलशन की गाड़ी खड़ी थी। ट्रैक्टर-ट्राली लेकर आए अन्य लोग एक दुकान में चाय पी रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार आई और खड़ी गाड़ी में टक्कर मारते हुए संदीप और गुलशन को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद बेकाबू कार भूसे के कमरे की दीवार में जा घुसी। कार के बोनट और दीवार के बीच में आने से संदीप के शरीर के दो टुकड़े हो गए और मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गुलशन गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के दौरान आसपास खड़े लोगों में अफरातफरी मच गई। अन्य लोगों ने इधर-उधर भाग कर अपनी जान बचाई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। आनन-फानन में पुलिस ने घायल गुलशन को अस्पताल पहुंचाया। वहीं मृतक संदीप के शव को मोर्चरी भिजवाया गया। हादसे के बाद कार चालक मौके से भाग गया। हालांकि बाद में पुलिस ने कार के नंबर से आरोपी का पता लगाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
रेस लगाने के चक्कर में हुआ भीषण हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के दौरान पीछे से तेज रफ्तार दो और कारें आकर रुकी थीं। कारों में 6-7 युवक बैठें थे। जो दुर्घटना करने वाली कार के चालक को अपने साथ बिठाकर भाग गए थे। बताया जा रहा है आरोपी कार चालक अन्य कारों के साथ रेस लगा रहा था। इसके चलते उसकी कार अनियंत्रित हो गई और भीषण हादसा हुआ। मृतक संदीप के भाई जोनी और कुलदीप ने बताया कि बताया कि वह साथ में आए लोगों के साथ थोड़ी दूरी पर एक दुकान में बैठकर चाय पी रहे थे। वरना कार की चपेट में आने से उनकी भी जान जा सकती थी। रोहतक के महम निवासी संदीप अपने भाइयों में सबसे बड़े थे। परिवार की जिम्मेदारी उनके ऊपर ही थी। उनकी एक बेटी और दो बेटे हैं। मौत की खबर सुनकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।